
गोरखपुर में जालसाजों ने रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर दस लाख रुपए ऐंठ लिए, पीड़ित जब नियुक्ति पत्र लेकर ट्रेनिंग करने कोलकाता पहुंचा तब उसे पता चला की नियुक्ति पत्र फर्जी है। बता दें की कोलकाता में रेलवे में टीसी बनवाने के नाम पर 10 लाख की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित की तहरीर पर खजनी पुलिस देवरिया रूद्रपुर के समुदा गांव के अनुभव पांडेय, भावना पांडेय, अर्चना पांडेय, कमलेश पांडेय और किरन के खिलाफ शुक्रवार को केस दर्ज कर मामले की जांच कर रही है।
उनवल निवासी रामकरण यादव ने खजनी पुलिस को तहरीर देकर बताया कि मेरे पुरोहित के रिश्तेदार देवरिया रूद्रपुर निवासी अनुभव पांडेय से गांव में मुलाकात हुई थी। उन्होंने बताया कि 10 लाख रुपये खर्च कीजिए तो आपके बेटे संदीप यादव को रेलवे ग्रुप सी में टीसी पद पर लगवा दूंगा।झांसे में आकर रामकरण ने 15 जुलाई 2018 को पांच लाख 50 हजार रुपये दे दिए। इसके बाद अलग-अलग तारीख पर बाकी चार लाख 50 हजार रुपये भी दे दिए। अनुभव ने उनके बेटे को कोलकाता में रेलवे टीसी पद के लिए फर्जी नियुक्ति पत्र दे दिया। बेटा संदीप नौकरी ज्वाइन करने रेलवे ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट हाबड़ा डिविजन गया तो पता चला कि उसका नियुक्ति पत्र फर्जी है।10 अगस्त को संदीप अपने एक मित्र के साथ अनुभव पांडेय के घर रुपये मांगने गया। वहां पर अनुभव के साथ उसके परिवार के लोगों ने गाली देते हुए रुपये देने से मना कर दिया। इसके बाद आने पर जान से मारने की धमकी देने लगे।
Updated on:
08 Sept 2024 03:56 pm
Published on:
08 Sept 2024 03:52 pm
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