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मोबाइल UTS App, अब घर बैठे रेलवे की सुविधाओं का लें आनंद

रेल यात्रियों को यह सुविधा मोबाइल यूटीएस एप पर मिलेगी। इसके लिए यात्रियों को एंड्रायड मोबाइल पर यूटीएस एप लोड कर रजिस्ट्रेशन करना होगा। मोबाइल यूटीएस एप को पूरी तरह डिजिटल प्लेटफार्म पर लाने और आनलाइन सिस्टम की तरफ लोगों का रुझान बढ़ाने के लिए सेंटर फार रेलवे इंफार्मेशन सिस्टम (क्रिस) ने इसे अपडेट कर सुविधाजनक बना दिया है। दीपावली पर्व पर पूर्वोत्तर रेलवे के 142 स्टेशनों पर यूटीएस एप की सुविधा मिलनी शुरू भी हो गई है।  

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रेल यात्रियों को यह सुविधा मोबाइल यूटीएस एप पर मिलेगी। इसके लिए यात्रियों को एंड्रायड मोबाइल पर यूटीएस एप लोड कर रजिस्ट्रेशन करना होगा। मोबाइल यूटीएस एप को पूरी तरह डिजिटल प्लेटफार्म पर लाने और आनलाइन सिस्टम की तरफ लोगों का रुझान बढ़ाने के लिए सेंटर फार रेलवे इंफार्मेशन सिस्टम (क्रिस) ने इसे अपडेट कर सुविधाजनक बना दिया है। दीपावली पर्व पर पूर्वोत्तर रेलवे के 142 स्टेशनों पर यूटीएस एप की सुविधा मिलनी शुरू भी हो गई है।

मोबाइल UTS App, अब घर बैठे रेलवे की सुविधाओं का लें आनंद

गोरखपुर। अब घर बैठे आनलाइन जनरल और प्लेटफार्म टिकट बुक किए जा सकते हैं। मासिक सीजन टिकट (एमएसटी) का नवीनीकरण भी हो जाएगा। आर वालेट से किराए का भुगतान करने वाले यात्रियों को रिचार्ज करने पर तीन प्रतिशत का बोनस भी मिलेगा।।

मोबाइल एप को मोबाइल पर लोड करें

रेल यात्रियों को यह सुविधा मोबाइल यूटीएस एप पर मिलेगी। इसके लिए यात्रियों को एंड्रायड मोबाइल पर यूटीएस एप लोड कर रजिस्ट्रेशन करना होगा। मोबाइल यूटीएस एप को पूरी तरह डिजिटल प्लेटफार्म पर लाने और आनलाइन सिस्टम की तरफ लोगों का रुझान बढ़ाने के लिए सेंटर फार रेलवे इंफार्मेशन सिस्टम (क्रिस) ने इसे अपडेट कर सुविधाजनक बना दिया है। दीपावली पर्व पर पूर्वोत्तर रेलवे के 142 स्टेशनों पर यूटीएस एप की सुविधा मिलनी शुरू भी हो गई है।

यहां पहले से मिल रही ये सुविधा

मुख्यालय गोरखपुर और लखनऊ में पहले से ही यह सुविधा मिल रही है। पूर्वोत्तर रेलवे में कुल 505 स्टेशन हैं। रेल यात्री नई व्यवस्था के अंतर्गत रेलवे स्टेशन के ट्रैक से 40 मीटर की दूरी के बाद और 50 किमी तक मोबाइल यूटीएस एप से आनलाइन प्लेटफार्म और जनरल टिकट बुक कर सकते हैं।

टिकट बुक होते ही मोबाइल पर आ जाएगा मैसेज

टिकट बुक होते ही मोबाइल पर मैसेज आ जाएगा। यात्रा समाप्त होते ही टिकट समाप्त हो जाएगा। उस टिकट पर कोई दूसरा यात्रा कर सकेगा और न ही किराये की वापसी होगी। टिकट का स्क्रीन शाट नहीं लिया जा सकेगा। इससे टिकटों के फर्जीवाड़ा पर रोक भी लगेगी। ट्रैक से 40 मीटर के अंदर आनलाइन पेपरलेस टिकट बुक नहीं हो पाएगा। हालांकि, रेलवे ने आनलाइन पेपरयुक्त टिकट बुक करने का विकल्प रखा है, लेकिन टिकट बुक करने के बाद यात्री को काउंटर पर पहुंचकर प्रिंट टिकट लेना होगा। इसके अलावा यात्री स्टेशन पर क्यूआर कोड के माध्यम से भी आनलाइन टिकट बुक कर सकते हैं।

काउंटरों के सामने चस्पा है क्यूआर कोड

टिकट काउंटरों के सामने व प्रमुख स्थानों पर क्यूआर कोड चस्पा किया गया है। टिकट बुक करते समय पता चल जाएगा कि ट्रेन तीन घंटे के अंदर आएगी या बाद में। लोग यात्रा की की प्लानिंग सुनिश्चित कर सकेंगे। लोगों को स्टेशन पर पहुंचकर टिकट के लिए काउंटरों पर लंबी लाइन नहीं लगानी पड़ेगी। टिकट के लिए अलग से फुटकर किराया लेकर चलने की भी जरूरत नहीं होगी। चोरी और पाकेटमारी पर भी अंकुश लगेगा।

जनरल टिकट के यात्रियों की विशेषकर त्योहारों में रेल यात्रा आसान होगी। यहां जान लें कि 90 प्रतिशत आरक्षित टिकट आनलाइन ही बुक हो जाता है। जनरल टिकट के लिए अभी भी काउंटरों पर लंबी लाइन लगती है। त्योहारों में लोगों को टिकट के लिए धक्कामुक्की करनी पड़ती है। इसमें कई यात्रियों की ट्रेन भी छूट जाती है।

CPRO गोरखपुर

रेल यात्रा को सुगम एवं सुविधाजनक बनाने के लिए पूर्वोत्तर रेलवे के स्टेशनों पर यूटीएस एप की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इस मोबाइल एप के माध्यम से अनारक्षित टिकट, प्लेटफार्म टिकट इत्यादि बनना आसान एवं सुलभ हो गया है। पेपरलेस टिकटिंग की दिशा में भी यह एक बड़ा कदम है। आर वालेट के प्रत्येक रिचार्ज पर तीन प्रतिशत बोनस भी मिलेगा। यूटीएस काउंटर पर लाइन में लगने से भी मुक्ति मिलेगी। -पंकज कुमार सिंह, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी- पूर्वोत्तर रेलवे