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Gorakhpur news गोरखपुर में खुल सकता है मेदांता का का ब्रांच, 75 एकड़ में बन रही मेडिसिटी

Gorakhpur News मेदांता समूह के प्रमुख ने खोराबार टाउनशिप में बन रही मेडिसिटी में देखी कनेक्टिविटी डॉ.त्रेहन ने तलाशी शहर में मेदांता की ब्रांच की संभावना।

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मेदांता मेडिसिटी

गोरखपुर आए डॉ. त्रेहन को इस दौरान GDA के अधिकारियों ने मेडिसिटी के लेआउट के साथ अन्य विशेषताएं बताईं। डॉ. त्रेहन ने मेडिसिटी के स्थल निरीक्षण के साथ ही अस्पताल पहुंचने के लिए कनेक्टिविटी देखी।

GDA के अधिकारियों ने बताया कि मेडिसिटी 75 एकड़ में विकसित हो रही है। गोरखपुर में पूर्वांचल, सीमावर्ती बिहार से लेकर नेपाल के लोग बड़ी संख्या में इलाज की उम्मीद में आते हैं।

संक्रमण से उबरे लोगों में बढ़ी दिल की बीमारी
डॉ. त्रेहन ने कोरोना के बाद हार्ट अटैक से तत्काल मृत्यु के बढ़ते मामलों पर लोगों को जागरूक किया। कहा कि जो लोग व्यायाम करना चाहते हैं वह जांच करा लें, तभी ऐसा करें। उन्होंने एक मरीज का उदाहरण देते कहा कि संक्रमण के बाद उन्होंने बिना जांच दोबारा व्यायाम शुरू कर दिया। जिससे उनकी मौत हो गई।

गोरखपुर में खुल सकता है मेदांता
देश के नामी कार्पोरेट हॉस्पिटल मेदांता समूह का एक अस्पताल गोरखपुर में खुल सकता है। मेदांता ग्रुप के प्रमुख डॉ. नरेश त्रेहन ने शनिवार को खोराबार टाउनशिप में विकसित हो रही मेडिसिटी में मेदांता

अस्पताल की शाखा खोले जाने की संभावनाएं देखीं।
डॉ. त्रेहन ने गोरखपुर को पूर्वी यूपी, पश्चिमी बिहार और नेपाल की स्वास्थ्य सेवाओं का गढ़ बताया। कहा कि यहां पर आसपास के मंडलों के साथ ही नेपाल और बिहार के मरीज भी आते हैं। य

हां के मरीजों के इलाज के लिए अस्पताल बनाना है। हमारी सोच है कि जो अस्पताल बने वह एक बार में ही अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा करने वाला हो, ऐसा नहीं कि धीरे-धीरे व्यवस्था बने।

भोजन पेट भरने के लिए नहीं, बल्कि भूख खत्म करने के लिए करें
डॉ. नरेश त्रेहन ने एक बार में ही बहुत ज्यादा भोजन करने वालों को चेताया। कहा कि भोजन पेट भरने के लिए नहीं, बल्कि भूख खत्म करने के लिए करें। ज्यादा भोजन करना शरीर के लिए अच्छा नहीं। हर व्यक्ति 45 मिनट टहले, 10 मिनट योग करे तो रोग पास ही नहीं जाएंगे।

कहा कि कोरोना का वर्तमान संक्रमण काफी कमजोर है, फिर भी रिस्क नहीं लेना चाहिए। जुकाम, खांसी और बुखार होने पर खुद को परिवार से अलग कर लें। जिनके माता-पिता को मधुमेह, ब्लड प्रेशर या हृदय से जुड़ी समस्या है वह 25 वर्ष की उम्र तक अपनी जांच जरूर करा लें।