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Gorakhpur news : जिले में QR कोड वाले नकली जन्म प्रमाण पत्रों की भरमार, असल को पहचानना मुश्किल

बड़हलगंज के सिधुवापार लक्ष्मीपुर के अभिषेक ने नगर आयुक्त को पत्र लिखकर एक जन्म प्रमाणपत्र की जांच कराने का अनुरोध किया था। कहा था कि चार अप्रैल, 2023 को नगर निगम की ओर से जारी संजना पुत्री रमाशंकर के जन्म प्रमाणपत्र पर जन्मतिथि एक जनवरी, 2002 अंकित है। इसकी जांच जरूरी है।

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Gorakhpur News

Gorakhpur news : जिले में QR कोड वाले नकली जन्म प्रमाण पत्रों की भरमार, असल को पहचानना मुश्किल

Gorakhpurnews :जन्म प्रमाणपत्र भी फर्जी बनने लगा है। क्यूआर कोड के साथ जारी प्रमाणपत्र को देखकर अफसर भी एक बार में नहीं बता पाएंगे कि फर्जी है। ऐसा ही एक जन्म प्रमाणपत्र नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल के सामने आया।

नगर निगम काउंटर से ही बनवाएं

जन्म-मृत्यु पंजीकरण कार्यालय के दीपक श्रीवास्तव ने जब फर्जी प्रमाणपत्र के बारे में बताया तो नगर आयुक्त ने हैरानी जताई। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि वह नगर निगम के काउंटर से ही प्रमाणपत्र बनवाएं। अस्पतालों में जन्म व मृत्यु होने की स्थिति में प्रमाणपत्र वहीं से जारी होते हैं।

दो व्यक्तियों ने की थी शिकायत

बड़हलगंज के सिधुआपार के दो व्यक्तियों ने नगर आयुक्त से मुलाकात की थी। बताया कि उनका गांव में विवाद चल रहा है। कुछ दिनों पहले एक जन्म प्रमाणपत्र कोर्ट के दस्तावेज में रखा गया। इस प्रमाणपत्र पर हमें संदेह है। नगर आयुक्त ने दीपक श्रीवास्तव से जांच के लिए कहा। दीपक श्रीवास्तव ने तत्काल प्रमाणपत्र को फर्जी बताया।

यह है मामला

बड़हलगंज के सिधुवापार लक्ष्मीपुर के अभिषेक ने नगर आयुक्त को पत्र लिखकर एक जन्म प्रमाणपत्र की जांच कराने का अनुरोध किया था। कहा था कि चार अप्रैल, 2023 को नगर निगम की ओर से जारी संजना पुत्री रमाशंकर के जन्म प्रमाणपत्र पर जन्मतिथि एक जनवरी, 2002 अंकित है। इसकी जांच जरूरी है।

रोजाना सौ से ज्यादा फर्जी प्रमाण पत्र लेकर पहुंच रहे लोग

आधारकार्ड बनवाने के लिए बच्चे का जन्म प्रमाणपत्र लेकर पहुंच रहे लोगों को जब बताया जा रहा है कि प्रमाणपत्र फर्जी है तो वह परेशान हो जा रहे हैं। इनमें से ज्यादा लोगों ने साइबर कैफे या सहज जनसेवा केंद्र संचालकों से प्रमाणपत्र बनवाया है। आधार सेवा केंद्र के आपरेशन मैनेजर आदित्य शुक्ल कहते हैं कि रोजाना पांच से छह सौ लोग आधार पंजीकरण और संशोधन कराने आते हैं। इसमें 50 से 60 लोगों का जन्म प्रमाणपत्र फर्जी मिलता है।

नगर आयुक्त बोले....झांसे में न आएं

नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने कहा कि नगर निगम क्षेत्र के किसी सरकारी अस्पताल में जन्म या मृत्यु होने पर प्रमाणपत्र अस्पताल की ओर से जारी किया जाता है। कई निजी अस्पतालों को भी अधिकार दिया गया है। नगर निगम में जन्म या मृत्यु प्रमाणपत्र के लिए आवेदन के साथ हलफनामा तो लिया ही जाता है निर्धारित समय से ज्यादा होने पर आवेदन एसडीएम सदर के पास भेजा जाता है। नागरिक नगर निगम के संबंधित जोनल कार्यालयों में आवेदन कर प्रमाणपत्र बनवाएं। दलालों के झांसे में न आएं।

फर्जी वेबसाइटों के जरिये चल रहा है असली-नकली का खेल

जन्म प्रमाणपत्र का फर्जीवाड़ा कई वेबसाइट के जरिये जारी है। आधार केंद्र पर ही ऐसी आधा दर्जन वेबसाइट चिह्नित की जा चुकी हैं, जिनके जरिये फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनाने का खेल चल रहा है।

यह है सही वेबसाइट

www.crsorgi.gov.in

ये हैं फर्जी वेबसाइट

www.crsgovorgi.co.in www.crsgovi.tech

www.crsorgi-govi.com www.crsfastprint.in

www.crsogi.link www.births.co.in


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