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गोरखपुर पुलिस : SSP ने पहले तोड़ा थानों पर भ्रष्टाचारी पुलिसकर्मियों का नेक्सस, अब हो रही ताबड़तोड़ कारवाई

एसएसपी ने जिले में पडऩे वाले आठ सर्किल कैंपियरगंज, चौरीचौरा, खजनी, बांसगांव, गोला, कैंट, कोतवाली और गोरखनाथ के सीओ को निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि सभी सीओ अपने सर्किल में पडऩे वाले थानों का औचक निरीक्षण करें। वहां शिकायत रजिस्टर से पीडि़तों के नंबर पर कॉल कर उनसे बात करें। कहीं भी कोई कंपलेन मिलती है तो उसकी रिपोर्ट तैयार कर पुलिस ऑफिस में भेजना है।

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गोरखपुर पुलिस : SSP ने पहले तोड़ा थानों पर भ्रष्टाचारी पुलिसकर्मियों का नेक्सस, अब हो रही ताबड़तोड़ कारवाई

गोरखपुर पुलिस : SSP ने पहले तोड़ा थानों पर भ्रष्टाचारी पुलिसकर्मियों का नेक्सस, अब हो रही ताबड़तोड़ कारवाई

गोरखपुर। मुख्यमंत्री जनता दरबार में छोटी छोटी शिकायतें पहुंचने के बाद SSP डॉक्टर गौरव ग्रोवर अब खुद थानों पर जाकर फरियादियों से बात कर कारवाई की क्रॉस चेकिंग कर रहे हैं। इतना ही नहीं , शिकायत रजिस्टर से भी मोबाइल नंबर निकाल कर शिकायतकर्ताओं से थाना पुलिस द्वारा कारवाई की रिपोर्ट ली जा रही है। कप्तान के निर्देश पर अब CO फरियादियों से फीड बैक लेंगे।

कंप्लेन मिलने पर रिपोर्ट पुलिस ऑफिस भेजी जाए

एसएसपी ने जिले में पडऩे वाले आठ सर्किल कैंपियरगंज, चौरीचौरा, खजनी, बांसगांव, गोला, कैंट, कोतवाली और गोरखनाथ के सीओ को निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि सभी सीओ अपने सर्किल में पडऩे वाले थानों का औचक निरीक्षण करें। वहां शिकायत रजिस्टर से पीडि़तों के नंबर पर कॉल कर उनसे बात करें। कहीं भी कोई कंपलेन मिलती है तो उसकी रिपोर्ट तैयार कर पुलिस ऑफिस में भेजना है।
जनता दरबार और उच्च अधिकारियों के पास छोटे-छोटे मसले भी पहुंच रहे हैं। इस विषय को सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी अधिकारियों पर सवाल उठाए हैं। इसको लेकर अब सभी अधिकारी गंभीर हो गए है। छोटे-छोटे मसले आखिर क्यों आ रहे हैं, इसकी अधिकारी खुद भी थानों पर जाकर समीक्षा कर रहे हैं


6 माह में 4780 पीड़ितों को SSP ऑफिस से मिला न्याय

पुलिस ऑफिस से मिले डाटा के मुताबिक पिछले 6 माह में 4780 पीड़ितों को ऑफिस से न्याय मिल है। जबकि इस दौरान 4817 शिकायते वंहा आयी थी। इसमे से 65 प्रतिशत लोग कार्यवाही से खुश है जो पीड़ितों से पुलिस के द्वारा पूछा गया है। आपको बता दे कि जून में 940 में से 852, जुलाई में 906 में से 863, अगस्त मे 890 में से 907, सितंबर में 634 में से 834, अक्टूबर में 745 में से 741 व नवंबर में प्राप्त 702 में से 583 का फरियाद पर कार्यवाही पूरी हुई है।

पुलिस ऑफिस से भी पीडि़तों को जा रही कॉल

पुलिस ऑफिस में आए प्रार्थना पत्रों की प्रापर निगरानी हो रही है। पुलिस ऑफिस में जो भी प्रार्थना पत्र आ रहा है। उसपर दिए पीडि़तों के नंबर पर कॉल कर उसके केस के बारे में पूछा भी जा रहा है। इधर जो पुलिस ऑफिस से फोन किए गए हैं, उनमें 65 परसेंट पीडि़त संतुष्ट मिले हैं, जबकि 35 परसेंट फरियादियों ने असंतुष्ट मिले हैं। जिनकी अलग लिस्ट बनाई जा रही है। उनको बुलाकर जानकारी ली जाएगी कि वे कार्यवाही से क्यो असंतुष्ट है। उन्हें की गई कार्यवाही के बारे में बताया जयेगे, कमियों को दूर कर उन्हें भी संतुष्ट किया जाएगा।

थानों में लापरवाही पर एक्शन

1 दिसंबर: थाना पीपीगंज पर नियुक्त हेड कांस्टेबल रंजन तिवारी को भ्रष्टाचार की शिकायत पर निलंबित कर विभागीय जांच बैठाई गई।

3 दिसंबर: थाना सहजनवां पर नियुक्त उप निरीक्षक संतोष कुमार सिंह को विवेचना में लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित कर विभागीय जांच बैठाई गई।

3 दिसंबर: थाना गुलरिहा पर नियुक्त तत्कालिन उप निरीक्षक विजय शंकर यादव और कांस्टेबल अक्षय लाल भारती को आईजीआरएस प्रार्थना पत्रों के निस्तारण में लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित कर विभागीय जांच बैठाई गई।

SSP बोले

हर सर्किल के सीओ अपने अपने थानों पर जाकर औचक निरीक्षण करेंगे । थानों पर जाकर पीडि़तों के नंबरों पर कॉल कर बात भी करेंगे। उन्हें कहां परेशानी आ रही है, यह पूछकर दिक्कत दूर करेंगे। साथ ही लापरवाही करने वाले पुलिस कर्मियों को चिन्हित भी करेंगे। पुलिस अच्छे से जनसुनवाई समयबद्ध तरीके से कर रही है जो आगे भी चलेगी।

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