
उमंग और उत्साह से लबरेज रहा प्रवाह-2020
सतरंगी छटाएं बिखराता महंत दिग्विजयनाथ स्मृति सभागार का खूबसूरत मंच, पुरानी यारी को दोबारा जीने की तमन्ना लिए इधर उधर निहारती आंखें, बीते वक़्त की यादगारी को दोबारा जिलाता कॉलेज का वही पुराना कैम्पस और गीत-संगीत, शेरो-शायरी और किस्सों-दास्तानों में गूंजते हंसी के ठहाके और खुशनुमा माहौल। ये मौका था राजकीय जुबिली इंटर कॉलेज के एल्युमिनाई मीट 'प्रवाह-2020' का, जिसमें सन 1960 के दशक से लेकर आज तक के पूर्वछात्रों का एकत्रीकरण हुआ।
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दीप प्रज्ज्वलन और मां सरस्वती पूजन से कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन हुआ। इसके बाद सभी पूर्वछात्रों ने मिलकर सस्वर विद्यालय की प्रार्थना 'वह शक्ति हमें दो दयानिधे...' का गान किया।
कार्यक्रम में आगंतुक जुबिलिअन्स का स्वागत करते हुए प्राचार्य नन्द प्रसाद यादव ने इस आयोजन के लिए सभी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए पूर्वछात्रों की नैतिक ज़िम्मेदारी और उनकी उपलब्धियों को याद किया।
आमंत्रित कलाकारों की टीम 'स्वर बैंड' के कलाकार ठाकुर शिवेंद्रम, विकी हाशिम, निखिल रंजन अभिषेक यादव और अशोक प्रजापति ने मनमोहक गीतों से श्रोताओं की खूब तालियां बटोरीं।
आयोजन समन्वयक डॉ. राजेश चन्द्र गुप्त विक्रमी ने केंद्रीय आयोजक मण्डल के डॉ. एस. के. लाट, डॉ. संजय श्रीवास्तव, तेजस्वी खिज्वानिया, वैभव श्रीवास्तव, विनोद पांडेय, सुजॉय बैनर्जी, प्रभात मिश्रा, मनोहर गुप्त, रंजन मिश्रा, रितेश अग्रहरि, विशाल कुशवाहा, कुशल बंसल, अमित कुमार गुप्ता, विशाल त्रिपाठी एवं मोहम्मद शहाबुद्दीन को प्रेम प्रतीक से सम्मानित किया।
उप प्राचार्य प्रमोद कुमार श्रीवास्तव ने सभी को अपनी शुभकामनाएं दीं और भविष्य में ऐसा ही आयोजन करने के प्रति उत्साह व्यक्त किया।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी पूर्वछात्रों को प्रेमप्रतीक देकर उनका स्वागत किया गया। आगंतुकों का आभार आयोजन समन्वयक डॉ. राजेश चंद्र गुप्त ने किया।
कार्यक्रम का संचालन पूर्वछात्र शुभेन्द्र सत्यदेव ने किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में विद्यालय परिवार के सदस्य शिक्षकगण, कर्मचारीगण आदि उपस्थित रहे।
जब शुरू हुई मौज मस्ती तो उम्र के टूटे बंधन
जुबिलि कॉलेज के एल्युमिनाई मीट में ओपन माइक के तौर पर मौज मस्ती से भरे तीन सत्र –महफ़िल-ए-शायराना, महफ़िल-ए-गाना और महफ़िल-ए-गुफ़्तगू आयोजित किया गया। पूर्वछात्र पवन गुप्ता ने अपने समय में अध्यापक द्वारा पहाड़ा सुनने की यादगारी साझा की तो लोग बरबस हंस पड़े। 1972 बैच के अचल अग्रवाल ने पुरानी कक्षाओं के दिन याद कर अपना अनुभव साझा किया तो वहीं जितेंद्र वर्मा पल्लू ने अपने भाषण से प्रभावित किया। सहायक लोक अभियोजक उत्तम त्रिपाठी ने अपने लिखे खूबसूरत शेर पढ़े तो महफ़िल का माहौल शायराना हो गया। सन 87 के बैच के एल्युमिनाई एस. पी. दुबे ने तो मस्ती भरे अंदाज में एक से बढ़कर एक गीत गाए जिसपर पूरा सभागार झूम उठा।
Published on:
10 Feb 2020 02:53 am
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