
गोरखपुर का खजनी थानाक्षेत्र इन दिनों लगातार NIA की छापेमारी का केंद्र बन गया है। कुछ दिनों पहले हीं इस थानाक्षेत्र के सतुआभार गांव में NIA ने रेड डाला था, दुबारा शनिवार को पुनः इसी थानाक्षेत्र के रावतदाढ़ी गांव में टेरर फंडिंग के जुड़े मामले में NIA की रेड पड़ी।
पहलगाम नरसंहार के बाद पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार CRPF जवान के खाते की जांच की गई तो NIA को चौंकाने वाली जानकारी मिली, एजेंसियों को पता चला कि उसके और उसकी पत्नी के बैंक खाते में तय समय पर अलग-अलग खातों से रकम भेजी गई है। किसी को शक न हो इसके लिए छोटी-छोटी रकम खाते में ट्रांसफर की गई थी। गोरखपुर के पन्नेलाल यादव का परिवार भी 15 हजार रुपये की रकम ट्रांसफर करने के मामले में जांच के घेरे में फंसा है। यह रकम गुजरात की अनीता सिंह नामक एक महिला के खाते में भेजने की बात कही गई है। हालांकि एनआईए टीम ने गिरफ्तार CRPF जवान से महिला के रिश्ते के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। यह रकम पन्नेलाल के बेटे अमन और बेटी के खाते से चार जनवरी को ट्रांसफर किया गया था।
बताया जा रहा है कि इनके खाते में पन्नेलाल ने बैंकाक से पैसा भेजा था। लिहाजा एजेंसियों को यहां हवाला से पैसा पहुंचाने की आशंका है। यही वजह है कि टीम पहले पन्नेलाल की तलाश में आई जब वह नहीं मिला तब उसके बेटा और बेटी से घंटों पूछताछ की और उनसे यह जानने का प्रयास किया कि उन्होंने महिला के खाते में किसके कहने पर पैसा भेजा था।
अमन ने दस हजार तो वहीं उसकी बहन के खाते से पांच हजार रुपये ट्रांसफर किया गया था। अमन का कहना था कि वह एक दुकान पर गया था तभी वहां एक व्यक्ति आया और देखने से काफी जरूरतमंद लग रहा था उसने कहा कि एक खाते में अर्जेंट पैसा भेजना है अगर आप भेज देते तो मैं आपको नगद दे देता। यह देखते हुए मैंने दस हजार अपने तो पांच हजार अपनी बहन के खाते से ट्रांसफर किया था।
फिलहाल एनआईए ने इस बहाने पर कोई ध्यान नहीं दिया। इस कारण अमन को चार जून को एनआईए ने पूछताछ के लिए दिल्ली बुलाया है। एजेंसियां पूरे नेटवर्क को समझने में जुटी है। अभी तक यही समझ में आ रहा है कि पन्नेलाल को बैंकाक में पैसा मिला और उसके बेटे ने यह पैसा उस खाते में भेजा है।
बता दें कि खजनी थानाक्षेत्र में इन दिनों लगातार NIA की छापेमारी से हड़कंप मचा है। अभी कुछ दिनों पहले ही खजनी थानाक्षेत्र के सतुआभार में मानव तस्करी के मामले में NIA की छापेमारी हुई थी। टीम ने गांव के अभयानंद दुबे के परिवार से घंटों पूछताछ करने के बाद कुछ दस्तावेज लेकर लौट गई थी। अभयानंद पर गलत तरीके से मजदूरों को विदेश भेजने का आरोप है। वर्तमान में वह तब कंबोडिया जेल में बंद बताया जा रहा था।
सतुआभार गांव में भी NIA टीम एक दम तड़के ही पहुंची थी। यहां थानेदार को साथ लेकर पहले तहसील परिसर में पहुंची। वहां से टीम सुबह छह बजे सतुआभार गांव में पुरुषोतम दुबे के घर पर पहुंची। पुरुषोत्तम के पुत्र अभयानंद के बारे में जानकारी जुटाने के साथ परिवार के लोगों से पूछताछ करने के साथ ही सभी सदस्यों का फोटो खींचने के बाद आधार कार्ड व अन्य दस्तावेज का सत्यापन कराया। NIA की लगातार छापेमारी से लोगों में हड़कंप मचा है।
Published on:
02 Jun 2025 11:05 am
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