
सजायाफ्ता 150 कैदी भेजे जायेंगे वाराणसी सेंट्रल जेल, जेल में लग रहा है बैग स्कैनर
जिला जेल में सजा काट रहे 150 कैदियों को वाराणसी सेंट्रल जेल शिफ्ट किया जाएगा। इसके लिए जेल प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। वहीं, लोकसभा चुनाव को प्रभावित करने की आशंका में 20 और बंदियों को अलग- अलग जेल में शिफ्ट किया गया है। इसके अलावा कुछ अन्य कैदियों की लिस्ट तैयार की जा रही है।
मालुम हो की सजायाफ्ता कैदियों को सेंट्रल जेल में रखने की व्यवस्था है। गोरखपुर जेल में बंद 1961 कैदियों में 402 सजायाफ्ता हैं। इसमें 150 ऐसे सजायाफ्ता कैदी है जिनके खिलाफ कोई मुकदमा विचाराधीन नहीं है। जल्द ही इन्हें वाराणसी सेंट्रल जेल में शिफ्ट किया जाएगा। जिसके बाद जिला कारागार में बंदियों की संख्या भी घट जाएगी। यह पहली बार होगा जब गोरखपुर जेल में बंदियों की संख्या सबसे कम हो जाएगी।एक समय यहां कैदियों की संख्या 2300 से ज्यादा थी। लेकिन अब यह घटने लगी है।
वरिष्ठ जेल अधीक्षक
वरिष्ठ जेल अधीक्षक दिलीप कुमार पांडेय का कहना है कि सजायाफ्ता कैदियों को रखने की व्यवस्था सेंट्रल जेल में होती है, पर कुछ मामले में ट्रायल चलने की वजह से बार-बार ले आने ले जाने के चलते उन्हें स्थानीय जेल में रखा जाता है।गोरखपुर जेल में 400 के करीब सजायाफ्ता कैदी हैं जिसमें से करीब 150 कैदियों का ट्रायल पूरा हो चुका है। उन्हें अब वाराणसी सेंट्रल जेल ट्रांसफर किया जाएगा। चुनाव को प्रभावित करने की आशंका में 20 बंदियों को दूसरी जेल में शिफ्ट करा दिया गया है।
अलग अलग जेलों में भेजे गए ये बंदी
लोकसभा चुनाव को शांतिपूर्ण तरीके से निपटाने के लिए जेल प्रशासन ने गोरखपुर जेल से गौतम को देवरिया, शक्ति सिंह चौहान को आजमगढ़, सराकत अली को बस्ती, अमजद हुसैन व सूरत पांडेय को देवरिया, ठाकुर मनोज सिंह को प्रयागराज, मिथुन व सर्वजीत को बहराइच जेल, नितिन व मुरारी पांडेय को संतकबीरनगर, जमशेद आलम व नंद किशोर को संतकबीरनगर जेल भेजा है।
जेल में लगेगा बैग स्कैनर
जेल प्रशासन को 1 बैग स्कैनर मशीन भी मिल गई है। अब इसकी मदद से अंदर जाने वाले बैगों की जांच हो सकेगी। अभी तक यह काम मैनुअल होने की वजह से काफी समय भी लगता था और कई बार आपत्तिजनक सामान अंदर जाने की शिकायत भी सामने आ जाती थी। लेकिन, अब स्कैनर लग जाने से काम आसान हो जाएगा।
Published on:
19 Mar 2024 05:14 pm
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