scriptपंद्रह महीने में रुपए दूना होने के फेर में फंस करोड़ों रुपये गंवाये,अब होगी यह कारवाई | Lose crores of rupees by falling into the trap of doubling the money in fifteen months, | Patrika News
गोरखपुर

पंद्रह महीने में रुपए दूना होने के फेर में फंस करोड़ों रुपये गंवाये,अब होगी यह कारवाई

रूपया दूना होने की लालच में अक्सर मासूम लोगों को शिकार बनाया जा रहा है। ऐसी ही एक घटना जिले में हुई है जहां रुपया दूना होने के लालच में लोगों ने अपने मेहनत के करोड़ो रुपए गंवा दिए।

गोरखपुरJun 16, 2024 / 01:20 pm

anoop shukla

हपुर इलाके के बशारतपुर में फर्जी कंपनी खोलकर 15 माह में रुपये दोगुना कराने का झांसा देकर करोड़ों रुपये लेकर जालसाज फरार हो गए हैं। एसएसपी के निर्देश पर शाहपुर पुलिस ने कंपनी के अभिकर्ता, निदेशक समेत चार लोगों पर जालसाजी एवं कूटरचित दस्तावेज तैयार करने की धारा में केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू की है।
एसएसपी को बांसगांव इलाके के हरिहरपुर गांव निवासी संजय पाठक और रामजानकीनगर बशारतपुर निवासी किरन विश्वकर्मा ने अलग-अलग प्रार्थना पत्र देकर आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की है। पीड़ितों ने बताया कि पादरी बाजार के जंगल मातादीन, शिवपुर निवासी नंद प्रसाद गुप्ता अभिकर्ता, निदेशक कुंदन गुप्ता, रिंकी गौतम और रीना गोस्वामी ने आरकेआर केयर इंडिया निधि लिमिटेड नाम से कंपनी खोलकर 15 माह में रुपये दोगुना करने का प्रलोभन देकर रुपये जमा कराया था। उन्होंने राधिका कॉम्पलेक्स बशारतपुर में दफ्तर खोल रखे थे। परिपक्वता सीमा पूरा होने पर जब लोग पहुंचे तो ऑफिस पर ताला लगा मिला।
किरन ने बताया कि वह बीमा कंपनी में ट्रेनर हैं। उन्हें अक्सर राधिका कॉम्लेक्स जाना पड़ता था। वहीं पर कंपनी के अभिकर्ता नंद प्रसाद गुप्ता से मुलाकात हुई।आरोपी ने ऑफिस ले जाकर कुंदन गुप्ता, रीना गोस्वामी और रिंकी गौतम से मुलाकात करवाई। उन्होंने कंपनी में रुपया निवेश करने पर 15 माह में दोगुना करने की बात कही। चार अप्रैल 2020 को उन्होंने 35 हजार रुपये निवेश किया। उनको 15 माह बाद 50 हजार रुपये परिपक्वता राशि देने का बांड दिया गया। किरन का कंपनी पर विश्वास बढ़ा तो बैंक में जमा पांच लाख रुपये निकाल कर कंपनी में निवेश कर दिया। उन्हें सात लाख और तीन लाख रुपये का दो परिपक्वता बांड दिया गया।
30 अप्रैल 2022 को जब परिपक्वता राशि पूरी हुई तो किरन से बांड की मूल प्रति जमा कराकर कुंदन के खाते से 50 हजार रुपये उनके खाते में भेज दिया गया। शेष रकम कुछ दिन में खाते में पहुंच जाने का विश्वास दिलाया गया। जब उनके खाते में रकम नहीं आई तो उन्होंने अभिकर्ता नंद प्रसाद गुप्ता से संपर्क किया। उसने विलंब तिथि को जोड़कर बोनस समेत पूरा रकम देने का आश्वासन दिया। 25 नवंबर 2022 को जब वह फिर कंपनी के दफ्तर पहुंची तो कंपनी कार्यालय पर ताला लगा मिला। दफ्तर पर ताला बंद होने से कई निवेशक परेशान हो गए।
संजय पाठक ने भी प्रार्थना पत्र देकर छह लाख, उनकी पत्नी मुन्नी पाठक ने डेढ़ लाख रुपये, नीलम विश्वकर्मा ने 50 हजार रुपये निवेश किए। सभी को परिपक्वता तिथि और राशि के अनुसार अलग-अलग तारीख का बांड दिया गया। लेकिन परिपक्वता तिथि पूर्ण होने से पहले ही कंपनी और उसके अधिकारी फरार हो गए।
सीओ की जांच के बाद दर्ज हुआ केस
एसएसपी ने दोनों शिकायत पत्रों की जांच सीओ गोरखनाथ योगेंद्र सिंह को दिया। जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद शाहपुर पुलिस ने एसएसपी के आदेश पर चारों जालसाजों के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दिया है।

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