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माफिया डॉन विनोद उपाध्याय ने गैंग्सटर कोर्ट में किया सरेंडर

माफिया डॉन विनोद उपाध्याय ने संत कबीर नगर की कोर्ट में किया सरेंडर, गोरखपुर पुलिस खोज रही थी।

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माफिया डॉन सरेंडर

गोरखपुर. चर्चित माफिया डॉन विनोद उपाध्याय ने मंगलवार को संतकबीरनगर कोर्ट में सरेंडर कर दिया। मुख्यमंत्री के जिले गोरखपुर की पुलिस माफिया विनोद की सरगर्मी से तलाश कर रह थी। बीते दिनों एसएसपी गोरखपुर सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज में 25 हज़ार का इनाम घोषित किया था। उधर, मंगलवार को ही गोरखपुर में माफिया के एक साथी रामू पांडेय को गिरफ्तार किया गया। रामू कुशीनगर के परसिया गांव का रहने वाला है। सीओ कैंट ने बताया कि विनोद उपाध्याय गैंग का सक्रिय सदस्य रामू को खोराबार के कोनी तिराहे से गिरफ्तार किया गया है। उसके पास से एक तमंचा 315 बोर और एक खोखा भी मिला।


बता दें कि माफिया विनोद उपाध्याय को पिछले कई महीनों से पुलिस तलाश में थी। उसको गिरफ्त में लेने के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा था। ताजा मामला प्रॉपर्टी डीलर संजय यादव हत्याकांड से जुड़ा हुआ है। पुलिस के अनुसार माफिया विनोद ने अपने दुश्मनों को ठीक करने ले लिए प्रापर्टी डीलर संजय यादव हत्याकांड के वादी व विवेचक से मिलकर अपने दुश्मनों को आरोपी बनवा दिया था। जांच में साजिश का पर्दाफाश होने पर कैंट पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस के अनुसार माफिया विनोद उपाध्याय गोरखपुर जिले में कई बड़ी वारदातों में मुख्य अभियुक्त है।


कुछ दिन पहले ही पुलिस ने उसके चार शूटरों को गिरफ्तार करने का दावा किया था। पुलिस विनोद की तलाश में कई जगहों पर दबिश भी दे रही थी। भाई को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। कुछ दिन पहले भी गोरखपुर कोर्ट में उसके सरेंडर की सूचना आई थी, लेकिन इसकी भनक लगते ही पुलिस सक्रिय हो गई थी। गोरखपुर पुलिस की घेराबंदी को धता बताते हुए वह आया ही नहीं। इससे परेशान पुलिस ने उस पर इनाम तक घोषित कर दिया। पुलिस हाथ-पांव मारती रही, लेकिन मंगलवार को उसने संत कबीर नगर कोर्ट में सरेंडर कर लिया।


दोपहर में दी थी वारंट वापसी की अर्जी
विनोद कुमार उपाध्याय के खिलाफ आपराधिक मामलों को लेकर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। पूर्व में संतकबीर नगर में भी गैंगेस्टर की कार्यवाही हुई थी। पेशी पर हाजिर नहीं होने से कोर्ट ने उसके खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी कर दिया। पुलिसिया कार्यवाही से बचने के लिए खुद ही उसने दोपहर में हाजिर होकर अधिवक्ता के माध्यम से वारंट वापस लिए जाने का प्रार्थनापत्र दिया था। अपर जिला जज प्रफुल्ल कमल ने उसकी अर्जी नामंजूर कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। विनोद के सरेंडर से पुलिस की सक्रियता पर सवाल उठ रहे हैं।


बखिरा थाने में दर्ज हत्या के मुकदमें में लगा था गैंगेस्टर
विनोद कुमार उपाध्याय के खिलाफ बखिरा थाना क्षेत्र के ग्राम फेउसी में हत्या करने के मामले में 2005 में मुकदमा दर्ज हुआ था। इसी मामले को लेकर उसके खिलाफ गैंगेस्टर की कार्यवाही हुई थी। वर्ष 2014 में इसे लेकर वारंट जारी हुआ था तभी से वह फरार चल रहा था। एसपी हेमराज मीणा ने बताया कि वारंट जारी होने के बाद पुलिस द्वारा लगातार उसकी तलाश किया जा रहा था। गोरखपुर पुलिस द्वारा भी उसे गिरफ्तार करने के लिए पुरस्कार राशि घोषित किया गया था। पुलिस का दबाव बढ़ने से ही फरार चल रहे बदमाश ने कोर्ट में समर्पण किया।

by DHIRENDRA GOPAL/NAJMUL HODA


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