
इंसेफेलाइटिस के बाद अब डेंगू गोरखपुर में पांव पसार रहा है। गोरखपुर सांसद प्रवीण निषाद का परिवार ही डेंगू की चपेट में है। ई.प्रवीण निषाद के भाई व भाई पत्नी डेंगू की गिरफ्त में हैं। दोनों का इलाज अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है। उधर, सांसद के घर में डेंगू की सूचना होते ही स्वास्थ्य महकमा के हाथ पांव फूल गए। मंगलवार को जांच टीम पहुंची। स्वास्थ्य संबंधी जरूरी टेस्ट कराए गए। मंगलवार को सांसद के आवास के आसपास फागिंग भी गर्इ।
जिले के माननीय के परिवार के डेंगू की चपेट में आने के बाद निषाद दल के अध्यक्ष डाॅ.संजय निषाद ने राज्य सरकार को जमकर कोसा। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के शहर में डेंगू जैसी बीमारी का फैलना शासन-प्रशासन के नकारापन को साबित करता है। छिड़काव न होने से डेंगू-चिकनगुनिया जैसी बीमारियां तेजी से पांव पसार रही है।
बता दें कि गोरखपुर के सांसद ई. प्रवीण निषाद के बड़े भाई डाॅ.अमित कुमार व उनकी पत्नी डाॅ.आरती डेंगू की चपेट में हैं। अमित का इलाज दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल दिल्ली में चल रहा है तो डाॅ.आरती का इलाज गोरखपुर के एक निजी अस्पताल में चल रहा है।
निषाद दल हुआ मुखर, दी आंदोलन की चेतावनी
निषाद दल के अध्यक्ष डाॅ.संजय निषाद ने इसे यूपी सरकार की विफलता से जोड़ा है। डाॅ. निषाद ने कहा कि सीएम का शहर होने के बावजूद अधिकारी मनमानी पर उतारू हैं। अधिकारी केवल भाजपा का एजेंट बने हुए हैं। वह कोई भी काम नहीं कर रहे हैं। सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था दुरूस्त होने की बात कही जा रही है लेकिन असलियत है कि सरकारी अस्पतालों का हाल बेहाल है। जो सक्षम हैं वे निजी अस्पतालों में अपना इलाज करा रहे हैं, गरीब परेशान है। डाॅ. निषाद ने चेताया कि अगर व्यवस्था दुरूस्त नहीं की गई तो वे लोग आंदोलन को बाध्य होंगे।