
गोरखपुर में गोली मारकर छोटे भाई की हत्या कर दी गई। सोर्स: पत्रिका
गोरखपुर के पिपराइच थाना क्षेत्र में खून के रिश्ता ने ही खून बहा दिया, यहां मां की मौत के बाद ब्रह्मभोज कराने कोई लेकर दो भाइयों में हुए विवाद में एक की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। जानकारी के मुताबिक, मंगलवार को बड़की रेवतहिया गांव में मां के ब्रह्मभोज को लेकर हुए विवाद में बड़े भाई ने छोटे भाई को गोली मार दी। गंभीर रूप से घायल युवक को मेडिकल कॉलेज के नेहरू अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद आरोपित फरार है।
जानकारी के अनुसार बड़की रेवतहिया गांव निवासी शुभम शर्मा की मां की हाल ही में मौत हो गई थी, मंगलवार को उनका ब्रह्मभोज होना था। इसी कार्यक्रम को लेकर चार भाइयों में विवाद हो गया। परिजनों के मुताबिक, शुभम और उसका एक भाई ब्रह्मभोज एक साथ करने के पक्ष में थे, जबकि बड़े भाई दुर्गविजय शर्मा और एक अन्य भाई अलग-अलग कार्यक्रम कराने की बात कह रहे थे। मृतक शुभम शर्मा की फरवरी 2027 में शादी होनी थी। घटना से नाराज मझले भाई ने फावड़े से आरोपी की स्कूटी भी तोड़ डाली।
मंगलवार की दोपहर को भाइयों के बीच कहासुनी होने लगी, देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और आवेश में आकर दुर्गविजय शर्मा ने तमंचा निकालकर शुभम पर गोली चला दी। सीने में गोली लगते ही वह जमीन पर गिरकर तड़पने लगा। घटना से परिवार और गांव में अफरा-तफरी मच गई। स्वजन आनन-फानन में उसे इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। हत्या की सूचना मिलते ही पिपराइच थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच पड़ताल की है।
पुलिस से नोकझोंक के बीच हुआ शुभम का अंतिम संस्कार
शुभम के शव का पोस्टमार्टम बीआरडी मेडिकल कॉलेज में कराया गया। इसके बाद शाम करीब 5 बजे शव को गांव लाया गया। जवान बेटे का शव देखते ही पिता कोमल की तबीयत बिगड़ गई, जिन्हें परिजनों ने संभाला। इसके बाद मझले भाई श्यामू, रिश्तेदारों और ग्रामीणों के साथ शव को अंतिम संस्कार के लिए पिपराइच घाट की ओर लेकर निकले। सुरक्षा के मद्देनजर भारी पुलिस बल भी साथ चल रहा था। इसी दौरान रास्ते में सैकड़ों ग्रामीणों और परिजनों ने शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया और मुख्यमंत्री को मौके पर बुलाने की मांग करने लगे। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच नोकझोंक भी हुई। करीब आधे घंटे तक चले हंगामे के बाद पुलिस के आश्वासन पर लोग शांत हुए और शव को घाट तक ले जाया गया, जहां श्यामू ने अपने छोटे भाई को मुखाग्नि दी।
शुभम की मौत ने परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया। करीब एक महीने पहले ही उसकी सगाई हुई थी और परिवार ने फरवरी 2027 में शादी की तारीख तय की थी। घर में शादी की तैयारियों को लेकर उत्साह का माहौल था। शुभम की मौत की खबर मिलते ही उसकी मंगेतर और उसके परिजन गांव पहुंच गए। परिजनों के मुताबिक, मंगेतर का रो-रोकर बुरा हाल था। गांव की महिलाओं ने उसे संभालने की कोशिश की, लेकिन वह बार-बार बेहोश हो रही थी। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है और लोग परिवार को ढांढस बंधाने में जुटे हैं।
Updated on:
10 Jun 2026 12:41 pm
Published on:
09 Jun 2026 03:01 pm
