30 जुलाई 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Nikay Chunav: कांग्रेस से आकर बीजेपी से विधायक बने थे संजय जयसवाल, इस बार निकाय चुनाव में पत्नी को टिकट दिलाने में रहे सफल

सांसद हरीश द्विवेदी के ख़ास माने जाते है विधायक संजय जायसवाल, 2012 में कांग्रेस तो 2017 में बीजेपी से MLA हैं
2 min read
Google source verification
BJP

BJP

गोरखपुर। आखिरकार सभी दावेदारों को धता बताते हुए विधायक संजय जायसवाल अपनी पत्नी संगीता जायसवाल को रूधौली नगर पंचायत अध्यक्ष पद के लिए बीजेपी से टिकट दिलाने में सफल हो ही गए। विधानसभा चुनाव में विधायक संजय जायसवाल इसी तरह कांग्रेस से आकर सभी दावेदारों को पछाड़ते हुए विधानसभा का टिकट बीजेपी से पाने के सफल हुए थे।
राजनीति में आने के पहले एक सफल व्यवसायी रहे संजय जायसवाल का राजनैतिक सफर काफी सफलतादायक रहा है। संजय उस वक़्त कांग्रेस के प्रत्याशी के रूप में जीत हासिल किये थे जब कांग्रेस के प्रत्याशी से जीत की बहुत उम्मीद नहीं की जाती थी। 2012 में विधायक रहते हुए जायसवाल को कांग्रेस ने लोकसभा का टिकट दिया था लेकिन ऐन वक़्त पर उन्होंने सिंबल लौटा दिया था। इसके बाद विधान सभा चुनाव के पहले भी उनपर राज्य सभा व विधान परिषद चुनाव में क्रॉस वोटिंग का आरोप लगा। इसके लिए कांग्रेस ने इनको निलंबित भी किया था लेकिन पार्टी कुछ और करने की स्थिति में आती विधायक संजय जायसवाल समेत कई कांग्रेसी विधायक बीजेपी के साथ सफर में चुपके से काफी आगे जा चुके थे।
विधायक संजय जायसवाल को बीजेपी में लाने व टिकट दिलाने में काफी अहम भूमिका निभाई सांसद हरीश द्विवेदी ने। इसके लिए हरीश द्विवेदी को कार्यकर्ताओं की खरीखोटी भी सुननी पड़ी लेकिन बीजेपी की लहर में संजय इस बार भी विधायक बनने में सफल रहे।
अभी कुछ दिन पहले ही पार्टी कार्यकर्ता के साथ पुलिस द्वारा किये गए दुर्व्यवहार के बाद अपनी ही सरकार के खिलाफ धरना देने में सांसद हरीश द्विवेदी के साथ साथ विधायक संजय जायसवाल खड़े दिखे। इसको संगठन ने सही नहीं माना था। जब उन्होंने अपनी पत्नी संगीता जायसवाल के लिये नगर पंचायत रूधौली अध्यक्ष पद का टिकट माँगा तो कार्यकर्ता आश्वस्त थे कि इस बार कार्यकर्ता को तवज्जो मिलेगी लेकिन पार्टी ने कार्यकर्ता से ज्यादा अपने विधायक पर भरोसा किया और उनकी पत्नी को प्रत्याशी बना दिया। एक बार फिर संजय जायसवाल की राजनैतिक गाड़ी निष्कंटक चल पड़ी है।