
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में अब मेड इन यूपी शिकारा बोट और क्रूज का लुत्फ उठाने का मौका मिलेगा। यहां की रामगढ़झील में आने वाले यात्रियों को नावों की सैर करने की सुविधा दी जाएगी। इसके लिए पर्यटन विभाग की ओर से संचालित साहनी नौकायान समिति ने वाटर स्पोर्टस कॉम्पलेक्स के बेसमेंट में नावों का निर्माण कराना भी शुरू कर दिया है। जल्द ही शहरवासियों और यहां आने वाले यात्रियों को रामगढ़ झील में ही श्रीनगर के डल लेक में चलने वाली शिकारा और गोवा में चलने वाली मिनी क्रूज जैसा लुत्फ उठाने का मौका मिलेगा। शिकारा और क्रूज की खासियत ये होगी कि यह दोनों सौर उर्जा से शाम के समय जगमगाएगीं।
पर्यटकों के लिए बनेंगी आकर्षण का केंद्र
बता दें कि रामगढ़झील में शिकारा और क्रूज को शुरू करने के लिए कोलकाता के कुशल कारीगर मूर्त रूप देने में जुटे हैं। वहीं नौकायान समिति के अध्यक्ष राधेश्याम का कहना है कि नावों को तैयार करने का काम तेजी से चल रहा है। नावों को तैयार कराने के साथ ही इसकी सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है। उन्होंने बताया कि जैसे ही रामगढ़ झील में शिकारा और क्रूज चलनी शुरू होंगी यहां आने वाले पर्यटकों के लिए ये जगह आकर्षण का केंद्र बन जाएगी। हालांकि गोरखपुर में बन रहा क्रूज साइज में सामान्य से छोटा है लेकिन उसमें सभी सुविधाएं हैं।
रामगढ़झील पर पर्यटन को बढ़ावा देने की तैयारी
गौरतलब है कि शिकारा नाव एक विशेष प्रकार की लकड़ी की नाव है जो मुख्यत श्रीनगर की डल झील में प्रयोग में लाई जाती है। जम्मू कश्मीर के अलावा शिकारे जैसी नावें केरल में भी प्रयोग की जाती है। शिकारे विभिन्न आकार में बनाए जाते हैं और लोगों के परिवहन सहित अन्य कई उद्देश्यों के लिए उपयोग में आते हैं। पर्यटन को बढ़ावा देना है मकसद रामगढ़ झील पर पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बोटिंग की व्यवस्था की गई है। यहां आने वाले लोगों को पहले से ही सामान्य बोटिंग और जेट्टी पर स्पीड बोटिंग की सुविधा दी गई है।
Published on:
20 Oct 2022 10:41 am
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