विश्व के जाने माने भारतीय पहलवान बजरंग पुनिया ने कहा कि हर राज्य में खेलों के प्रोत्साहन के लिए खेल नीति होनी चाहिए। सरकार अगर चाह दे तो गांव-गांव से बेहतरीन खिलाड़ी निकलेंगे। गांवों में खिलाड़ियों की कमी नहीं है, बस जरूरत है एक मौका की। हमारे गांवों में बहुत सी प्रतिभाएं सुविधा के अभाव में दम तोड़ देती हैं।
पुनिया गोरखपुर में कुश्ती प्रतियोगिता का उद्घाटन करने पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार स्कूल स्तर से ही खेलों को बढ़ावा दे। स्कूलों में एक्सपर्ट नियुक्त होना चाहिए। शहर और गांव को समान सुविधा मिले तो देश को एक से बढ़कर एक बेजोड़ प्रतिभाएं मिलेगी।
उन्होंने नए पहलवानों को नसीहत देते हुए कहा कि मेहनत और कोशिश से कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है। अपने लक्ष्य के प्रति लगे रहे, मंजिल एक दिन अवश्य मिलेगी। सपने को पूरा करने केे लिए जी जान से लगने से ही उसे पूरा कर पाएंगे। उन्होंने कुश्ती के खिलाड़ियों से कहा कि अपने दांव को बेहतर तो करें ही साथ ही सामने वाले पहलवान के दांव पर भी ध्यान दें तभी जीत हासिल किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि जितनी जल्दी कुश्ती के क्षेत्र में सीखना शुरू करेंगे उतनी जल्दी ही आप मुकाम हासिल करने के लिए आगे बढ़ सकेंगे। सात-आठ साल की उम्र में पहलवानों को सीखना शुरू कर देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पहले की अपेक्षा आज कुश्ती में व्यापक बदलाव आए हैं। कुश्ती अब पहलवानों को बेहतर मौका दे रहा है। विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेकर आप खुद को तराश सकते हैं।