
BRD Medical College Tragedy
बीआरडी मेडिकल काॅलेज में आक्सीजन की कमी से हुई मासूमों की मौत के मामले में जेल में बंद पूर्व प्राचार्य की पत्नी डाॅ.पूर्णिमा को भी आखिरकार जमानत मिल ही गई। ग्यारह माह से डाॅ.पूर्णिमा जेल में निरूद्ध थीं। मुख्य आरोपियों में शामिल पांच की जमानत पहले ही हो चुकी है। सुप्रीम कोर्ट से डाॅ.पूर्णिमा की जमानत मंजूर हुई है।
जमानत पा चुके लोगों में पुष्पा सेल्स मालिक मनीष भंडारी, बीआरडी मेडिकल काॅलेज के तत्कालीन चिकित्सक डॉ. कफील खान, एनेस्थिसिया के तत्कालीन विभागाध्यक्ष डॉ. सतीश कुमार और तत्कालीन प्राचार्य डॉ. राजीव मिश्र शामिल हैं।
बीते साल अगस्त महीने में बीआरडी मेडिकल काॅलेज में लिक्विड आक्सीजन की आपूर्ति बंद होने से तीन दर्जन से अधिक मासूमों की मौत हो गई थी। मामला जब तूल पकड़ा था तो प्रदेश सरकार ने बीआरडी मेडिकल काॅलेज के तत्कालीन प्राचार्य, आक्सीजन गैस आपूर्तिकर्ता सहित नौ लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया था। पूर्व प्राचार्य डाॅ.राजीव मिश्र व उनकी पत्नी डाॅ.पूर्णिमा शुक्ला को एसटीएफ ने कानपुर से 29 अगस्त 2017 को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद पूर्व प्राचार्य और उनकी पत्नी ने लोअर कोर्ट में जमानत के लिए याचिका दायर की थी। हालांकि, याचिका खारिज हो गई थी। फिर दंपत्ति ने हाईकोर्ट की शरण ली। लेकिन यहां भी सफलता नहीं मिली। कुछ दिन पहले ही पूर्व प्राचार्य को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई। इसके पूर्व भी अन्य चार आरोपियों को जमानत मिली थी।
पूर्व प्राचार्य की जमानत के बाद उनकी पत्नी की जमानत की भी जमीन पुख्ता हो गई थी। हालांकि, सुनवाई में तारीख ही मिलती रही। 27 मई को दाखिल याचिका की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट की डबल बेंच ने राज्य सरकार से जवाब तलब किया। 27 जुलाई को पीठ ने सुनवाई की। फिर दोनों जजों ने जमानत अर्जी स्वीकार कर ली। अगले हफ्ते डाॅ.पूर्णिमा की जमानत संबंधी कागजात गोरखपुर जेल पहुंच जाएगी। इसके बाद जेल से उनकी रिहाई संभव है।
Updated on:
28 Jul 2018 01:07 am
Published on:
28 Jul 2018 01:07 am
