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राष्ट्र वंदन समिति के तत्वाधान में हुए देशभक्ति के कार्यक्रम, गायन और नृत्य ने बांधा समा 

राष्ट्रवंदन समिति का सदैव उद्वेश्य रहा है की स्वतंत्रता किस महापर्व को और हमारे अमर शहीदों के त्याग को घर-घर पर पहुंचाया, जिससे हमारे आने वाली पीढ़ी देश प्रेम और राज प्रेम के प्रति अपने दायित्वों का निर्माण कर सके और यह तभी संभव है जब घर-घर में देश प्रेम राष्ट्र प्रेम की लहर जाएगी और हर घर में तिरंगा लहराएगा।

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रविवार को राष्ट्र वंदन समिति के तत्वाधान में स्वतंत्रता के अमृतोत्सव को घर-घर पहुंचाने के उद्देश्य से प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी किया गया आयोजित। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रसिद्ध समाज सेवी डॉ रूप कुमार बनर्जी प्रसिद्ध समाज सेविका सुधा मोदी समिति के अध्यक्ष विजय खेमका और महामंत्री दुर्गेश त्रिपाठी ने भारत माता के सम्मुख दीप प्रज्वलन कर किया। 

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डा रूप  कुमार और सुधा मोदी ने संयुक्त रूप से कहा कि निश्चित तौर पर 15 अगस्त, 26 जनवरी जैसे राष्ट्रीय पर्व हम सब में देश और राष्ट्र प्रेम की भावना को जागृत करने का कार्य करते हैं और राष्ट्र वंदन समिति द्वारा आयोजित इन कार्यक्रमों के माध्यम से भी घर-घर में देश प्रेम राज प्रेम की भावना का संचार हो रहा है। हम जब किसी भगवान की पूजा करते हैं तो हम उनको मंत्रों के सुर में बांधकर उनका आवाहन करते हैं अतः भारत माता की पूजा का यह सबसे अच्छा माध्यम है कि उनको गायन नृत्य कला के द्वारा याद किया जाए और अमर शहीदों को अपने कला की शैली से श्रद्धांजलि दी जाए।

आज के दिन जिन भी प्रतिभागियों ने प्रतिभा किया है वह चाहे विजयी हो या ना लेकिन यह जरूर है कि उन्होंने राष्ट्र के प्रति सम्मान में अपने जीवन के समय में से कुछ समय निकालकर यहां पर दिया यह बहुत बड़ी बात है। आज के समय में अगर हम संस्कार और राष्ट्र धर्म प्रेम से भर जाएं तो हम किसी भी क्षेत्र में आगे हो सकते हैं।

संस्था के अध्यक्ष विजय खेमका और महामंत्री दुर्गेश त्रिपाठी ने कहा कि लाखों करोड़ों देशभक्ति के बलिदान के बाद यह स्वतंत्रता की देवी भारत में आई आज उन्ही के त्याग और तपस्या की वजह से हम सब इस खुली हवा में सांस ले रहे हैं। अतः हमेशा आजादी के महोत्सव को जितने खुले दिल और उल्लास से मनाया उतना ही कम है।

कार्यक्रम का संचालन संपदा द्विवेद्वी ने किया और संयोजिका रूप रानी और सीमा रही।कार्यक्रम में जज के रूप में सुनीता श्रीवास्तव ,नीलम पांडेय, सुहानी, प्रियम, प्रिंश रहे।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से स्वतंत्रता के अमृतोत्सव समिति की संयोजिका रूपरानी, रागिनी श्रीवास्तव, निधि श्रीवास्तव, माया गुप्ता, विनीत पांडेय, कंचन लता खेमका, प्रियंका, नितिन वर्मा, समता, स्वीटी, माही, देवीलाल गुप्ता, अमित दत्त, रीता शर्मा, मनोरमा पाल, अनुराग खेमका, शशिकांत गुप्ता, दीपक मौर्य, राहुल कुमार पांडे,प्रणव ,लक्ष्मी गुप्ता, संगीता मद्धेशिया, मानवी, आराध्या,अतुल द्विवेदी, रुद्रांश चंद्रआदि सम्मिलित रहे।