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महाराजजी, अधिकारी नहीं सुनते शिकायतें, मारते हैं ताने कि वहीं से निस्तारण करा लो

मुख्यमंत्री ने लगाई दरबार, सुनी शिकायतें

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महाराजजी, अधिकारी नहीं सुनते शिकायतें, मारते हैं ताने कि वहीं से निस्तारण करा लो

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर दौरे के दूसरे दिन गोरखनाथ मंदिर में जनता दरबार में लोगों की शिकायतें सुनी। सीएम के आने की खबर पाकर मंडल क्षेत्र व आसपास जिले के सैकड़ों फरियादी अपनी फरियाद लेकर पहुंचे थे। किसी को पुलिस से शिकायत थी तो किसी का राजस्व विवाद था। कोई घरेलू हिंसा की शिकार तो कोई प्रशासनिक उदासीनता से तबाह। इन फरियादियों में ढेर सारे ऐसे थे जो कई बार मुख्यमंत्री के पास शिकायत ले आया चुके थे लेकिन उनकी फरियाद अधिकारियों तक आते दम तोड़ देती।
बुधवार की सुबह से ही मंदिर परिसर में फरियादियों का तांता लगना शुरू हो चुका था। करीब नौ बजे से मुख्यमंत्री ने जनता से रूबरू होना शुरू किया। एक एक कर लोग जाते और अपना शिकायती पत्र देकर आ जाते। मुख्यमंत्री उनकी बात सुन कार्रवाई को आश्वस्त करते रहे।
हालांकि, जनता दरबार में पहुंचे कइयों को अब यह शिकायत थी कि उन्हें मुख्यमंत्री तक पहुंचने ही नहीं दिया जा रहा है। अधिकारी बीच मे ही रोककर शिकायती पत्र ले ले रहे हैं और समस्या निराकरण का आश्वासन दे रहे हैं। उनकी समस्याओं की सुनवाई नहीं हो रही और उन्हें बार बार जनता दरबार में आना पड रहा है।
मुख्यमंत्री से शिकायत करने पहुंचे कुछ फरियादियों का कहना था कि जिला स्तर के अधिकारियों का अब भी चक्कर लगाना पड़ रहा। कोई यह भी बताने वाला नहीं है कि मुख्यमंत्री को दिए गए शिकायती पत्र पर क्या कार्रवाई हुई? बार-बार थाने और जिले के आला अधिकारियों की डांट सुननी पड़ रही है। कई बार तो मुख्यमंत्री द्वारा ही फैसला करवा लेने के ताने भी सुनने पड़ रहे हैं।
फरियादियों का कहना है कि वे अपनी शिकायतें करते हैं, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। थक हार कर इन्हें बार-बार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दरबार में आना पड़ रहा है।

बड़हलगंज से मंदिर पहुंची मीना देवी का आरोप है कि उन्हें महराज जी (मुख्यमंत्री) से मिलने ही नहीं दिया जा रहा है। आवास के लिए आनलाइन एप्लिकेशन पर भी कोई जवाब नहीं है। इतना ही नही ये आवास के लिए टाउन एरिया के जिम्मेदारों को पैसा देने का भी आरोप लगा रही थी।

महिला व्यापार मंडल की महामंत्री रजनी शर्मा का कहना था कि वह अपने साथ कुछ महिलाओं को लेकर आई थी। कुछ समस्याओं में निराकरण होने से महिलाओं की सहूलियत बढ़ाने का इरादा है। चार बार आने की बात कहते हुए रजनी यह आरोप लगा रहीं हैं कि हर बार कहा जाता है कि शिकायती पत्र जमा हो गया है, अब जांच जाएगी। लेकिन कभी कुछ ऐसा नहीं हुआ। इतना ही नहीं इनका आरोप है कि जब बाबा यानी मुख्यमंत्री आते हैं तो उन्हें बाहर ही रोक दिया जाता है। आवास का प्रार्थना पत्र भी दिया था लेकिन कुछ नही हुआ। बीडीओ भी क्या करें, जब कोई आदेश यहाँ से जाएगा तभी तो वे कुछ करेंगे।