बैठक में जनपदों में अन्तक्षेत्रीय विषमताओं को दूर करने के उपाय, पूर्वान्चल क्षेत्र में कृषि एवं संवर्गीय सेक्टरों की उन्नति एवं कृषकों की आय को बढ़ाने हेतु मूल्य संवर्धन और निर्यात केन्द्रित क्षेत्रों को अभिज्ञानित करते हुए निवेश पर चर्चा हुई। विभिन्न क्षेत्रों विशेषकर एग्रो-प्रोसेसिंग, पर्यटन, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग, हस्तशिल्प, ऊर्जा, ऊर्जा आदि क्षेत्रों में निजी, घरेलू एवं विदेशी निवेश आकर्षित करने हेतु रणनीति विकसित करने एवं सतही जल स्रोतो का विकास एवं संवर्धन के उपाय अवस्थापना सुविधाओं के विकास हेतु रोड मैप तैयार करने के बारे में विस्तार पूर्वक चर्चा की गयी।
बोर्ड ने ग्रामीण क्षेत्र में जीवन स्तर में सुधार के लिए कार्यक्रमों पूर्वान्चल क्षेत्र में शिक्षा एवं चिकित्सा की गुणवत्ता में सुधार हेतु योजनाओं को लागू कराने, निवेशकों को आकर्षित करने हेतु उपायों को अभिज्ञानित करने, राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं का सहयोग लेना तथा उनसे संसाधनों को प्राप्त करने हेतु सुझाव देने निजी क्षेत्र का विकास कार्यो में सकारात्मक सहयोग लेने, रोजगार के नवीन अवसर सृजित करने हेतु उपायो पर कार्यवाही कराने, बाढ़ प्रबन्ध के लिए ठोस उपाय, पूर्वान्चल विकास निधि के कार्यो का अनुश्रवणकी चर्चा की गयी।
बैठक में मुख्यमंत्री के आर्थिक सलाहाकार केवी राजू, अपर मुख्य सचिव नियोजन विभाग कुमार कमलेश, उपाध्यक्ष पूर्वान्चल विकास बोर्ड दयाशंकर मिश्र, निदेशक क्षेत्रीय नियोजन प्रभाग विजय कुमार अग्रवाल, पूर्वान्चल विकास बोर्ड के सदस्य गण, मण्डलायुक्त जयन्त नार्लिकर आदि मौजूद रहे।