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पूर्वांचल के विकास का पहिया कैसे तेजी से घूमे हुआ मंथन

पूर्वांचल विकास बोर्ड की बैठक संपन्न
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गोरखपुर

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Dheerendra Vikramadittya

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Updated: 26 Nov 2019, 1:35 PM IST

पूर्वांचल के विकास का पहिया कैसे तेजी से घूमे हुआ मंथन

पूर्वांचल के विकास का पहिया कैसे तेजी से घूमे हुआ मंथन

पूर्वांचल क्षेत्र के विकास के लिए गठित पूर्वांचल विकास बोर्ड की बैठक गोरखपुर में संपन्न हुई। बोर्ड ने पूर्वांचल के विकास के लिए एक्शन प्लान तैयार करने पर चर्चा हुई। पांच दिसंबर तक इसके लिए सुझाव भी आमंत्रित किया गया।

सोमवार को गोरखपुुर में आयुक्त सभागार में बोर्ड के उपाध्यक्ष नरेन्द्र सिह की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें पूर्वान्चल क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास के अवरोधक तत्वोंध्कारणों का अभिज्ञान एवं उनके निराकरण के उपाय एवं सुझाव पर व्यापक चर्चा की गयी। बोर्ड ने विभिन्न विभागों के दीर्घकालीन, मध्यकालीन एवं अल्पावधि की प्राथमिकताएं तय करने, सामाजिक एवं आर्थिक विकास की समग्र कार्य योजना बनाने पर चर्चा की। बोर्ड के उपाध्यक्ष नरेंन्द्र सिंह ने कहा कि पूर्वान्चल के विकास के लिए सभी को मिलकर कार्य करना होगा।

इन बिंदुओं पर विशेष चर्चा हुई

बैठक में जनपदों में अन्तक्षेत्रीय विषमताओं को दूर करने के उपाय, पूर्वान्चल क्षेत्र में कृषि एवं संवर्गीय सेक्टरों की उन्नति एवं कृषकों की आय को बढ़ाने हेतु मूल्य संवर्धन और निर्यात केन्द्रित क्षेत्रों को अभिज्ञानित करते हुए निवेश पर चर्चा हुई। विभिन्न क्षेत्रों विशेषकर एग्रो-प्रोसेसिंग, पर्यटन, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग, हस्तशिल्प, ऊर्जा, ऊर्जा आदि क्षेत्रों में निजी, घरेलू एवं विदेशी निवेश आकर्षित करने हेतु रणनीति विकसित करने एवं सतही जल स्रोतो का विकास एवं संवर्धन के उपाय अवस्थापना सुविधाओं के विकास हेतु रोड मैप तैयार करने के बारे में विस्तार पूर्वक चर्चा की गयी।
बोर्ड ने ग्रामीण क्षेत्र में जीवन स्तर में सुधार के लिए कार्यक्रमों पूर्वान्चल क्षेत्र में शिक्षा एवं चिकित्सा की गुणवत्ता में सुधार हेतु योजनाओं को लागू कराने, निवेशकों को आकर्षित करने हेतु उपायों को अभिज्ञानित करने, राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं का सहयोग लेना तथा उनसे संसाधनों को प्राप्त करने हेतु सुझाव देने निजी क्षेत्र का विकास कार्यो में सकारात्मक सहयोग लेने, रोजगार के नवीन अवसर सृजित करने हेतु उपायो पर कार्यवाही कराने, बाढ़ प्रबन्ध के लिए ठोस उपाय, पूर्वान्चल विकास निधि के कार्यो का अनुश्रवणकी चर्चा की गयी।
बैठक में मुख्यमंत्री के आर्थिक सलाहाकार केवी राजू, अपर मुख्य सचिव नियोजन विभाग कुमार कमलेश, उपाध्यक्ष पूर्वान्चल विकास बोर्ड दयाशंकर मिश्र, निदेशक क्षेत्रीय नियोजन प्रभाग विजय कुमार अग्रवाल, पूर्वान्चल विकास बोर्ड के सदस्य गण, मण्डलायुक्त जयन्त नार्लिकर आदि मौजूद रहे।

क्या है पूर्वांचल विकास बोर्ड

यूपी के पिछड़े क्षेत्रों में शुमार पूर्वांचल में 21 जिले हैं। इन जिलों में संसाधन के बावजूद विकास का पहिया काफी धीमी गति से है। यूपी सरकार ने इस क्षेत्र के विकास के लिए पूर्वांचल विकास बोर्ड का गठन किया है। यह बोर्ड परामर्शी संस्था के रूप में अपनी संस्तुति देगा। इसका कार्यकाल 3 वर्ष निर्धारित किया गया है। पूर्वान्चल विकास बोर्ड के अध्यक्ष मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हैं। इसके अतिरिक्त दो उपाध्यक्ष, 11 गैर सरकारी सदस्य, दो विशेषज्ञ तथा 19 सरकारी सदस्यों को सम्मिलित करते हुए उप निदेशक अर्थ एवं सख्या को सदस्य सचिव नामित किया गया है।