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Gorakhpur News : गोरखपुर के रस्ते नेपाल और चाइना तक हो रही दुर्लभ वन्य जीव Red Sand Boa Snake की तस्करी और तस्करों की गिरफ्तारी के लिए लगी यूपी एसटीएफ को बड़ी सफलता हाथ लगी है। यूपी एसटीएफ ने मुखबिर की सूचना पर गोरखपुर से वाराणसी, आजमगढ़ और गोरखपुर के दो सहित 4 इंटरनेशनल दुर्लभ जीव तस्करों को गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी गोरखपुर के शाहपुर थानाक्षेत्र के शास्त्री नगर बिछिया में स्थित ओमप्रकाश सिंह के मकान से हुई। एसटीएफ ने इन तस्करों के पास से एक जिंदा Red Sand Boa Snake बरामद किया है। फिलहाल इनसे पूछताछ की जा रही है।
कई दिनों से मिल रही थी तस्करी की सूचना
इस सम्बन्ध में एसटीएफ सीओ धर्मेश कुमार शाही ने बताया कि कई दिन से दुर्लभ वन्य जीव Red Sand Boa Snake की गोरखपुर के रास्ते नेपाल, चाइना तस्करी की सूचना मिल रही थी। इसके अलावा कई और दुर्लभ जानवरों की हड्डियां और खाल तस्करी की जा रही थी। इसी बीच मुखबिर से सूचना मिली कि वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट 1972 के अनुसूची-1 में चिह्नित Red Sand Boa Snake की तस्करी गोरखपुर के रास्ते नेपाल को की जाने वाली है। इसपर यूपी एसटीएफ फील्ड इकाई के निरीक्षक सत्य प्रकाश सिंह ने सर्विलांस और अन्य टीमों को एक्टिव किया था।
सटीक सूचना पर हुई कार्रवाई
सीओ एसटीएफ धर्मेंद्र कुमार शाही ने बताया कि इसी बीच सर्विलांस और मुखबिर की सूचना पर 18 सितंबर को वन विभाग और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर गोरखपुर के शाहपुर थानाक्षेत्र के शास्त्री नगर बिछिया में स्थित ओमप्रकाश सिंह के मकान से इंटरनेशनल तस्कर रमाशंकर मौर्या निवासी-17/38 इन्दपुर शिवपुर वाराणसी, ओमप्रकाश सिंह निवासी ग्राम मरहठा, थाना कैम्पियरगंज, जिला गोरखपुर, हाल पता-मकान नंबर -35 शास्त्री नगर विछिया, थाना शाहपुर, जनपद गोरखपुर, राजाराम निवासी ग्राम जलालपुर, पोस्ट कनैला, थाना जहानागंज, जनपद आजमगढ़ और सैफुद्दीन निवासी-वसन्तपुर सराय, थाना राजघाट, जनपद गोरखपुर को गिरफ्तार कर लिया।
बरामद हुआ दुर्लभ Red Sand Boa Snake
एसटीएफ ने मकान की तलाशी ली तो मकान से Red Sand Boa Snake बरामद किया। इस बारे में पूछताछ की गयी तो मुख्य तस्कर रामशंकर मौर्या ने बताया कि रेड सैण्ड बोवा सांप की तस्करी करने का एक गिरोह है, जिसका सदस्य शैलेन्द्र यादव, इमरान खान व अरूण सिंह आदि है। इन लोगों द्वारा ही मेरे बैंक खाते में 20 लाख रुपए दिया गया और गुन्टूर, चेन्नई भेजा गया था। वहां पर कुछ लोग मिले जो बोलेरो गाड़ी से लगभग 05 घण्टा की दूरी पर अन्दर जंगल में गये। वहां पर उन लोगों द्वारा एक बैग में यह बहुमूल्य रेड सैण्ड बोवा सांप इसे दिया गया, जिसे लेकर यह गोरखपुर आया था। इसके पूर्व में भी यह कई बार रेड सैण्ड बोवा सांप ला चुका है लेकिन लखनऊ पहुंचते -पहुंचते यह सांप मर जाते थे इस लिए इसे यहीं फेक देता था।
Red Sand Boa Snake कितना है महंगा और क्यों होती है तस्करी ?
अंतरराष्ट्रीय बजार में रेड सैंड बोआ सांप की कीमत 1 करोड़ से लेकर 25 करोड़ तक है। आमतौर पर सांप पहाड़ी और बालूवालें क्षेत्र में पाया जाता है। दक्षिण पूर्व एशिया के अफगानिस्तान, पाकिस्तान में भी यह सांप पाया जाता है। भारत के सिलीगुड़ी और चेन्नई में मिलता है। इस सांप का उपयोग आमतौर पर तांत्रिक विभिन्न उद्देश्यों के लिए करते हैं। कई लोगों का मानना है कि इस सांप का इस्तेमाल यौन शक्ति बढ़ाने वाली दवा बनाने के लिए किया जा सकता है। इसलिए इसे ऊंचे दामों पर बेचा जाता है। इसके साथ ही कई दवाओं में भी इसका इस्तेमाल होता है। इस सांप के तस्करी के कई मामले सामने आए हैं। यह सांप 1972 में भारत सरकार ने इस सांप को 'संरक्षित पशु' घोषित किया। लेकिन इसके बावजूद और कड़ी निगरानी व्यवस्था के बावजूद इन सांपों की तस्करी को रोकना संभव नहीं हो पा रहा है।
Published on:
19 Sept 2023 07:17 pm
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