
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मोहन भागवत ने दिया बड़ा बयान,विश्व में संघ की रणनीति यहां से होगी तय
भारत के महान क्रांतिकारी नेताजी सुभाषचंद्र बोस के जन्मदिन 23 जनवरी से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सर-संघचालक मोहन भागवत गोरखपुर में रहेंगे। आरएसएस की दृष्टि से उत्तर प्रदेश के चार प्रान्तों के प्रचारक और अन्य पदाधिकारी सम्मेलन में शिरकत करेंगे। प्रचारकों, क्षेत्रीय और प्रांतीय कार्यकारिणी सदस्यों के सम्मेलन में शामिल होने की बात कही जा रही है।
आरएसएस ने काम करने की आसानी को उत्तर प्रदेश को छह प्रान्तों में बांटा है। इनमें काशी, गोरक्ष, अवध, कानपुर, ब्रज और बुंदेलखंड शामिल हैं। इनमें से गोरक्ष, कानपुर, काशी और अवध प्रांत का प्रांतीय सम्मेलन नेताजी सुभाषचंद्र बोस के जन्मदिन यानी 23 जनवरी से गोरखपुर में होने जा रहा है।
आरएसएस सूत्रों के मुताबिक चार साल बाद गोरखपुर में होने जा रहे इस सम्मेलन में सह-कार्यवाह दत्तात्रेय होशबोले और कृष्ण गोपाल में से किसी एक के हिस्सा लेने की संभावना भी है। बताया जा रहा है कि गोरक्षप्रांत के प्रभारी अनिलोक भी सम्मेलन में शामिल रहेंगे, जिनकी नजर चार प्रांतों के लगभग 150 प्रचारकों पर बनी रहेगी।
गोरक्षप्रांत के एक पदाधिकारी के मुताबिक सम्मेलन में शारीरिक सत्र में प्रचारकों को चुस्त-दुरुस्त किया जाएगा तो बौद्धिक सत्र में उन्हें बौद्धिक कबड्डी के माध्यम से विभिन्न तरह की जानकारियां दी जाएंगी। इतना ही नहीं, व्यवस्था, प्रचार और संपर्क सहित अन्य मुद्दों पर भी चर्चाएं होंगी।
पांच दिनों तक चलने वाले प्रांतीय सम्मेलन में शामिल प्रचारकों से ग्राम्य विकास, धर्म जागरण, सेवा, सामाजिक-समरसता एवं सद्भाव और सेवा श्रम से संबंधित कार्यक्रम व अभियानों की जानकारी ली जाएगी। सम्मेलन में सवाल-जवाब का सत्र भी रखा गया है। इसमें प्रचारकों और अन्य पदाधिकारियों की उत्सुकताओं और जिज्ञासाओं को शांत किया जाएगा।
Published on:
06 Jan 2020 02:41 pm
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