
गोरखपुर। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत इस समय विवाह कराए जाने पर समाजवादी पार्टी ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है। गोरखपुर के सपा जिलाध्यक्ष प्रहलाद यादव ने कहा कि प्रदेश में सामूहिक विवाह का ढिंढोरा पीटा जा रहा। लेकिन खुद को हिंदू धर्म की रक्षक बताने वाली भाजपा सरकार यह भी भूल गई कि हिंदू धर्म में खरमास में कोई मांगलिक कार्य नहीं होता है।
उन्होंने कहा कि गरीब हिंदू परिवारों से ताल्लुक रखने वाली बेटियों के हाथ पीले करना पुण्य काम है लेकिन क्या ऐसे पुण्य कार्य में रीति-रीवाजों या मान्यताओं को माना नहीं जाना चाहिए। मान्यता के अनुसार खरमास में कोई भी शुभकाम करना पूर्णतया वर्जित है।
जिलाध्यक्ष प्रहलाद यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद हिंदुत्व के पुरोधा हैं। फिर भी उन्होंने ऐसा क्यों किया। खरमास में धार्मिक संस्कारों का आयोजन कर क्या उन्होंने हिंदू धर्माचार्याें व हिंदू मतावलंबियों को पाप का भागी नहीं बनाय है।
उन्होंने कहा कि किसी भी त्योहार को मनाने के लिए पहले से तय तारीख में फेरबदल करते हुए हमेशा से पीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ शुभ मुर्हुत की बातें करते रहे हैं और मुहुर्त के हिसाब से त्योहार मनाने की अपील करते रहे हैं। लेकिन खरमास में हिंदू युवक-युवतियों को विवाह बंधन में बांधने का कार्यक्रम आयोजित कर वह क्या संदेश देना चाहते हैं। आखिर ऐसी कौन सी तेजी थी। जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि यह तेजी दिखाकर अनुदान राशि के बंदरबांट की साजिश रची गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि दस हजार रुपये का सामान दिया गया है जबकि बीस हजार रुपये खाते में जाएंगे। पांच हजार टेंट आदि के खर्च में दर्शाया गया है। उन्होंने बताया कि सामान भी कम रेट पर खरीदा गया है और पांच हजार की राशि में भी काफी बंदरबांट हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसा अगर बाद में करते तो यह धन लैप्स कर जाता और इसके कर्ताधर्ता लूट नहीं पाते।
सपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि गोरखपुर और फूलपुर की हार से बीजेपी सरकार इतनी बौखला गई है कि उसे यह भी याद नहीं कि खरमास में कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता। बीजेपी की सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हो रही। कानून व्यवस्था इस सरकार से संभले नहीं संभल रहा। किसान परेशान है।
Published on:
30 Mar 2018 10:10 am
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