16 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

गोरखपुर पुलिस के मुंशी का दुस्साहस देख दंग हुए अधिकारी, फर्जीवाड़े की ऐसे खुली पोल

गोरखपुर पुलिस महकमे में एक मुंशी के कारनामें ने हड़कंप मचा दिया है। दुस्साहसी मुंशी ने अपने ही SP का फर्जी सिग्नेचर कर चार्जशीट कोर्ट में भेज दिया। यहां मामला तब संदेहास्पद लगा जब पेशकार को सिग्नेचर में कुछ अंतर लगा।

2 min read
Google source verification

गोरखपुर पुलिस के उच्चाधिकारी अपने मुंशी के कारनामें देख दंग रह गए। CO खजनी के मुंशी के रूप में तैनात इस सिपाही ने अपने ही अधिकारी SP साउथ जितेंद्र कुमार तोमर का फर्जी सिग्नेचर कर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दिया। जब कोर्ट में सिग्नेचर का मिलान नहीं हुआ तब चार्जशीट वापस आ गई। जांच हुआ तब मुंशी के इस फर्जीवाड़े की पोल खुली। SSP डॉक्टर गौरव ग्रोवर ने तत्काल मुंशी को सस्पेंड कर खजनी थाने में मुकदमा दर्ज कराया।

यह भी पढ़ें: फतेहपुर भाजपा जिला अध्यक्ष की बढ़ी मुश्किलें, पद दिलाने के नाम पर ली थी 50 लाख की घूस

एक पक्ष को लाभ पहुंचाने के लिए मुंशी ने किया फर्जीवाड़ा

CO खजनी के कार्यालय में तैनात विवेचना मुंशी शनि चौधरी ने छेड़छाड़ व एससी, एसटी के एक मामले में एक पक्ष को लाभ पहुंचाने के लिए उसने पर्यवेक्षण अधिकारी SP साउथ का फर्जी सिग्नेचर बना लिया। मुंशी को सस्पेंड करने के बाद उसके विरुद्ध विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। शुक्रवार को इस मामले में केस दर्ज कर लिया गया है।

पेशकार के पकड़ में आया मुंशी का फर्जीवाड़ा

CO खजनी छेड़छाड़ एवं एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज केस की विवेचना कर रहे थे। विवेचना पूरी होने के बाद पर्यवेक्षण अधिकारी के रूप में उसपर SP साउथ जितेंद्र कुमार तोमर का सिग्नेचर होना था। लेकिन मुंशी ने खुद ही SP का सिग्नेचर कर फाइल सीधे कोर्ट भेज दिया। कोर्ट में पेशकार को सिग्नेचर में कुछ अंतर लगा तो उसने फाइल वापस कर दिया और SP साउथ के भी संज्ञान में डाला।

जांच में निकला दोषी, SSP ने किया सस्पेंड

जब SP साउथ को इस मामले की जानकारी हुई तो उन्होंने गुप्त जांच कराई जिसमें मामला पकड़ में आ गया। इसके बाद SSP के संज्ञान में मामला आया और उन्होंने तत्काल कारवाई करते हुए दोषी मुंशी को सस्पेंड कर उसके विरुद्ध खजनी थाने में मुकदमा भी दर्ज कराया। यह मुंशी पिछले दो साल से CO खजनी के यहां तैनात है, अब उसके इस दुःसाहस को देख अधिकारियों के भी कान खड़े हो गए हैं, अब इसके दो साल के कार्यकाल की भी जांच कराई जाएगी।