
गोरखपुर में पिपराइच थाना क्षेत्र में हुई महिला की मौत के मामले का खुलासा हो गया है। महिला की हत्या उनके ही नाबालिग बेटे ने की थी। मां का कसूर सिर्फ इतना था कि वह अपने इकलौते बेटे को स्कूल जाने को बोलीं। इस बात को लेकर मां, बेटे में विवाद हो गया।
बात ज्यादा बढ़ी तो बेटे ने अपनी मां को धक्का दे दिया। जिससे उनका सिर दीवार के कोने से लग गया और मां का सिर फट गया। उन्हें गंभीर चोटें आईं। लेकिन, उन्हें अस्पताल ले जाने की बताए बेटा उन्हें घर में ही छह दिनों तक घर में ही रखा और उनकी मौत हो गई।
एसपी उत्तरी जितेन्द्र कुमार श्रीवास्तव की जांच व पूछताछ में मंगलवार को सच्चाई सामने आई। बेटे ने आखिरकार अपना जुर्म स्वीकार किया और बताया कि उसने मां को धक्का दिया, जिससे सिर में चोट लगने से उसकी मौत हो गई।
महिला के पति चेन्नई में भाभा एटामिक रिसर्च सेंटर में कार्यरत हैं, तीन दिसंबर की शाम को अपनी पत्नी को फोन किया, लेकिन फोन बंद था। अगले दो दिन और फोन बंद बताने पर सात दिसंबर को उन्होंने अपनी साली ज्ञांती देवी को घर भेजा तो पता चला कि गेट पर ताला बंद है।
इसके बाद आठ दिसंबर की शाम चेन्नई से घर पहुंचे राममिलन को उनकी पत्नी का शव फर्श पर पड़ा मिला। शिव मंदिर के पास बेंच बैठे मिले बेटे ने पुलिस और पिता को बताया कि उसकी मां गिर गई थी, जिसके बाद उसकी मौत हो गई। घबराहट के कारण उसने घर का ताला बाहर से बंद कर दिया, और चार दिन तक इधर-उधर घूमता रहा। पिपराइच पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया, जिससे मौत की असली वजह सामने आई।
SP नॉर्थ जितेन्द्र कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि घर की जांच और डीबीआर की जांच में बेटे पर आशंका बढ़ी। पिता के साथ बेटे को पूछताछ के लिए बुलाया तो काफी देर तक वह इधर-उधर घुमाता रहा। दो घंटे बाद उसने बताया कि विवाद के दौरान उसने मां का सिर चहारदीवारी पर लड़ा दिया था, जिसके बाद उनकी मौत हो गई। पिता ने बेटे के विरुद्ध तहरीर दे दी है। केस दर्ज कर पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है।
Updated on:
11 Dec 2024 10:13 am
Published on:
11 Dec 2024 10:12 am
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