उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए राज्यमंत्री रामकरन आर्य ने कहा कि खेल में सबसे महत्वपूर्ण अनुशासन है बिना अनुशासन के कोई शिखर पर नही पहुंच सकता। उन्होंने कहा कि खेल ही जीवन है सभी लोग अपने अपने विधा एवं क्षेत्र में एक प्रकार का खेल ही खेलते है। खेल से शरीर स्वस्थ्य रहने के साथ ही अपनी तरक्की कर सकते है तथा देश की सीमा सुरक्षित रख सकते हैं। इन्ही खिलाडियों में से कोई सेना में जायेगा तथा कोई पहलवान बनेगा। वार्षिकोत्सव के दौरान प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले 22 छात्रों को, मेडल प्राप्त करने वाले 44 एवं विभिन्न प्रतियोगिताओं में 61 छात्र छात्राओं को पुरस्कृत किया। प्राचार्या डाॅ. संतोष रावत ने प्रदेश सरकार के मंत्री से अपनी मांगों को रखा। इस अवसर पर पन्ने लाल, क्रीड़ा अधिकारी एसएच नकवी, अजय राय, जनार्दन राय, रामआसरे पहलवान आदि मौजूद रहे।