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जिस पत्नी का अंतिम संस्कार कर आया वो झांसी में जिंदा मिली…अब जलाई गई लावारिश लाश की कैसे होगी पहचान

जिले के उरुवा बाजार इलाके में 19 जून को जिसकी हत्या कर फेंके गए शव को बांसगांव के उस्का बाजार निवासी रामसुमेर (60) ने पत्नी फूलमती (40) का बताकर अंतिम संस्कार कर दिया था, वह झांसी में जिंदा मिली।शनिवार को इस हत्याकांड में नया मोड़ आने के बाद पुलिस भी परेशान है। अब सवाल यह उठता है कि आखिर जिसका शव मिला, वह कौन थी। पुलिस इसकी जांच में जुट गई है।

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गोरखपुर के उरुवा इलाके में मारी गई फूलमती झांसी में 'जिंदा' मिल गई है। फूलमती का मोबाइल ऑन होने पर लोकेशन के आधार पर उरुवा पुलिस जब झांसी पहुंची तो उसे जिंदा पाकर हैरान रह गई।

उधर, उसका पति जिंदा फूलमती को देखकर हैरान होने के साथ खुश हो गया। उसका कहना है कि जिस महिला की लाश मिली थी वह हू-ब-हू उसकी पत्नी जैसी थी। इसलिए उसने उसे पत्नी के रूप में शिनाख्त कर अन्तिम संस्कार किया था। फिलहाल वह लाश किसकी थी, अब इस सवाल का जवाब तलाशना पुलिस के लिए चुनौती है।

दरअसल, बांसगांव क्षेत्र के उस्का गांव निवासी रामसुमेर की पत्नी फूलमती 14 जून की शाम को बेलघाट थाना क्षेत्र के शाहपुर स्थित मायके जाने के लिए घर से निकली। 15 जून की सुबह वह मायके से निकली। उसके भाई ने उसे धुरियापार के पास बाइक से पहुंचाया। वहां से वह ऑटो पकड़कर निकली लेकिन अपने घर नहीं पहुंची। पति ने दो दिन तक तलाश करने के बाद 18 जून को उरुवा थाने में पत्नी की गुमशुदगी दर्ज कराई। 19 जून की सुबह उरुवा थाना क्षेत्र के चचाईराम गांव के सिवान में एक महिला की लाश मिली। हत्या कर फेंकी गई लाश फूलमती की तरह दिख रही थी। शव की पहचान के लिए पुलिस ने उसके पति रामसुमेर को बुलाया। शिनाख्त होने पर पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव पति को सौंप दिया जिसका उसने अंतिम संस्कार कर दिया।

15 जून को ससुराल की जगह झांसी निकल गई थी फूलमती, फूलमती ने बताया कि वह 15 जून को ही गोरखपुर रेलवे स्टेशन से ट्रेन पकड़कर झांसी के लिए निकल गई थी। उसने अपने पति को बताया था कि वह देहरादून जा रही है लेकिन वह झांसी चली आई। महिला ने पूछताछ में बताया कि उसका मोबाइल बंद हो गया था। उसे नहीं पता था कि उसकी हत्या का केस दर्ज किया गया है।

हत्यारोपित की तलाश में जुटी पुलिस को जिंदा मिली फूलमति, फूलमती के रूप में जिस महिला की पहचान हुई थी, उसकी हैवानियत के बाद हत्या की गई थी। शव के पास शराब की बोतल सहित आपत्तिजनक सामान मिले थे। हत्या का केस दर्ज कर पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी थी। फूलमती का मोबाइल मौका-ए वारदात से नहीं मिला था। पुलिस ने मोबाइल की तलाश के साथ कॉल डिटेल रिपोर्ट निकलवाई तब मोबाइल चलती हालत में पाया गया। सर्विलांस की मदद से जांच में मोबाइल की लोकेशन झांसी में मिल रही थी।


फूलमती और रामसुमेर दोनों की यह दूसरी शादी करीब 20 साल पहले हुई थी। रामसुमेर की पहली पत्नी का निधन हो गया था। दो छोट-छोटे बच्चे थे। फूलमती का पति भी नहीं था। बच्चों की देखभाल के लिए रामसुमेर ने दूसरी शादी की। हालांकि उसने फूलमती से यह शर्त रखी थी कि वह उससे बच्चा नहीं पैदा करेगा। यही दोनों बच्चे उसके होंगे।


जिस महिला की हत्या कर लाश फेंकी गई थी और उसके हैवानियत की बात सामने आ रही थी। वह महिला कौन थी अब पुलिस के लिए यह बड़ा सवाल हो गया है। घटना के वक्त फोटोग्राफ के अलावा महिला की शिनाख्त का कोई और जरिया नहीं बचा है। फूलमती के पति ने उसके सारे कपड़े जला दिए। यही नहीं, पहचान होने की वजह से डीएनए सैंपल भी नहीं लिया गया था। थानाध्यक्ष कमलेश कुमार ने बताया कि नए सिरे से महिला के शिनाख्त का प्रयास किया जा रहा है।


गोरखपुर के उरूवा में मिली महिला की लाश की पहचान नए सिरे से करने के लिए शनिवार को पुलिस ने सोशल मीडिया पर उसका फोटो जारी किया है। वहीं सीसीटीवी फुटेज खंगालने के दौरान एक जगह महिला एक युवक के साथ दिख रही है। वह कुछ दूर तक उसके साथ जाता दिख रहा था। पुलिस महिला की पहचान करने के साथ ही उस युवक की पहचान में भी जुट गई है। अगर महिला की पहचान नहीं होती है तो युवक की तस्वीर भी जारी करने की तैयारी है। एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने बताया कि जल्द ही आरोपित की पहचान कर हत्या का खुलासा कर दिया जाएगा।

SSP गोरखपुर
गोरखपुर के एसएसपी डा. गौरव ग्रोवर ने बताया कि उरूवा में फूलमति नामक जिस महिला की हत्या की बात सामाने आई थी वह महिला जिंदा मिली है। उसके पति ने गलत महिला की पहचान अपनी पत्नी के रूप में कर ली थी। जिसकी लाश मिली थी उसकी पहचान की कोशिश की जा रही है।

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