
गोरखपुर। अमृता कला वीथिका में क्षेत्रीय कला प्रदर्शनी के उद्घाटन समारोह में नगर विधायक डाॅ.राधा मोहन दास अग्रवाल ने कहा कि कलाकार की कला के पीछे कितनी कठिन साधना छिपी होती है इसका अनुमान उस कलाकार से अधिक बेहतर और कोई नहीं समझ सकता। किसी कलाकार की कलाकृति का अवलोकन करने वाला दर्शक केवल उस कलाकृति की खूबसूरती और गुण की चर्चा भर करता है लेकिन इसके पीछे छिपे संघर्ष और कष्ट की कल्पना नहीं कर पाता जो कलाकार ने उसे निर्माण करने के दौरान झेला है। इसलिये एक कलाकार का जीवन सम्मान के योग्य है और वह समाज की अनमोल पूंजी है।
वीथिका में राज्य ललित कला अकादमी, उत्तर प्रदेश तथा ललित कला एवं संगीत विभाग, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित त्रिदिवसीय क्षेत्रीय कला प्रदर्शनी में उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा ललित कलाओं के विकास के लिये किये जा रहे विविध कार्यों तथा योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि राज्य ललित कला अकादमी के सचिव डाॅ. यशवन्त सिंह राठौर ने कहा कि राज्य ललित कला अकादमी सीमित संसाधनों के बावजूद क्षेत्र के कलाकारों की प्रतिभा को प्रोत्साहन देने और उन्हें अवसर प्रदान करने के लिये निरन्तर प्रयास कर रही है और इसी क्रम में क्षेत्रीय चित्र प्रदर्शनी के आयोजन की श्रृंखला का आरम्भ किया गया है जिससे क्षेत्रीय स्तर पर ललित कला में अभिरुचि रखने वाले प्रतिभावान कलाकारों को उनकी कला के प्रदर्शन का एक बेहतर मंच मिल सके।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रभारी कुलपति एवं अधिष्ठाता कला संकाय प्रो. एसके दीक्षित ने कहा कि भारतीय संस्कृति ललित कलाओं की पोषक रही है। हमारे प्राचीन इतिहास में कलाआंे के प्रति नैसर्गिक प्रेम हर क्षेत्र से जुड़े व्यक्ति के अंतर्मन में परिलक्षित होता है। यही कारण है कि भारतवर्ष की कलाशैली की समूचे विश्व में विशेष ख्याति है।
ललित कला एवं संगीत विभाग की विभागाध्यक्ष डाॅ. उषा सिंह ने आगन्तुक अतिथियों स्वागत करते हुए उनके समक्ष विभागीय वृत्त का प्रकाशन किया तथा ललित कला के क्षेत्र में विभाग द्वारा किये गये प्रमुख कार्यों एवं आगामी योजना के विषय में विचार रखा।
इस अवसर पर प्रदर्शनी के कैटलाॅग का विमोचन किया गया तथा क्षेत्रीय स्तर पर चयनित तीन कलाकारों अभिलाषा सिंह, भाष्कर विश्वकर्मा एवं विवेक कुमार पाठक को अकादमी द्वारा स्मृति चिह्न, प्रशस्ति पत्र एवं दस हजार रुपये के पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया। ललित कला विभाग के शोधार्थी एवं छायाकार संदीप श्रीवास्तव द्वारा उन्हें प्राप्त इंडिया बुक आॅफ रिकार्ड्स को गोरखपुर महानगर के कलाप्रेमियों को समर्पित भी किया गया।
कार्यक्रम में आगन्तुक अतिथियों के प्रति आभार ज्ञापन ललित कला एवं संगीत विभाग के डाॅ. सत्येन्द्र सिंह द्वारा किया गया तथा मंच संचालन शुभेन्द्र सत्यदेव द्वारा किया गया।
इस अवसर पर प्रो. हर्ष कुमार सिन्हा, प्रो. अनुभूति दुबे, प्रो. निशा जायसवाल, प्रो. शिखा सिंह, डाॅ. दिव्या रानी सिंह, प्रो. शफीक अहमद, वरिष्ठ कलाकार राजीव केतन सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एवं कलाप्रेमी उपस्थित रहे।
Published on:
19 Feb 2018 06:06 am
बड़ी खबरें
View Allगोरखपुर
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
