यूपी पुलिस एवं पीएसी भर्ती परीक्षा में जमकर सेंधमारी की गई है। गोरखपु में एसटीएफ ने शक के आधार पर 11 मुन्ना भाईयों को हिरासत में लिया है। हिरासत में लिए गए मुन्ना भाईयों से एसटीएफ पूछताछ कर रही है। सभी को कैंट थाने पर रखा गया है। सॉल्वर को 50-50 हजार रुपये मिलने थे। इनके पास से एसटीएफ ने 5 लाख 80 हजार 560 रुपये नकदी भी बरामद किया है।
सोमवार को प्रदेश में उत्तर प्रदेश पुलिस कांस्टेबल एवं पीएसी भर्ती के लिए परीक्षा शुरू हुई। पुलिस विभाग में भर्ती के लिए भर्ती बोर्ड ने काफी दिनों से चाकचैबंद तैयारियां की थी। परिंदा भी पर न मार पाए की तर्ज पर सिविल सेवा परीक्षा से भी अधिक कड़ाई इस परीक्षा में की गई थी। लेकिन सरकारी तैयारियों को भर्ती कराने का ठेका लेने वाले माफियाओं ने जबर्दस्त सेंधमारी कर दी है।
परीक्षा एक दिन पहले से ही एसटीएफ ने पर्चा लीक और दूसरे के नाम पर परीक्षा दिलाने वाले गिरोह की धरपकड़ तेज कर दी थी।
सोमवार को परीक्षा के दौरान एसटीएफ ने गोरखपुर में 11 मुन्ना भाईयों को गिरफ्तार किया है। एसटीएफ हिरासत में लिए गए इन युवकों से पूछताछ कर रही है। पकड़े गए सभी युवकों को कैंट थाने पर लाया गया है।
कई राज्यों में जुड़े हैं इनके तार
एसटीएफ के हत्थे चढ़े मुन्ना भाइयों में 7 गोरखपुर के रहने वाले हैं तो तीन बिहार के रहने वाले हैं। इनका मास्टर माइंड अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर है। मुख्य सॉल्वर अनिल गिरी गोरखपुर का रहने वाला है जबकि दूसरा सॉल्वर धीरेन्द्र उर्फ धीरू बिहार का है। इनके पास से एसटीएफ ने 5 लाख 80 हजार 560 रुपये नकदी भी बरामद किया है। एसटीएफ के अनुसार मास्टर माइंड ने अभ्यर्थियों को दूसरे के नाम पर परीक्षा में बिठाने के लिए आठ लाख में सौदा किया था। लेकिन सॉल्वर्स को पचास हजार रुपये मिलने थे। रेलवे स्टेशन से इनको गिरफ्तार किया गया है। एसटीएफ के अनुसार परीक्षा में दूसरे को बिठाने के लिए सत्तर हजार रुपये और अन्य खर्च को जोड़कर कुल दो लाख रुपये पहले लिए जाते हैं। भर्ती हो जाने के बाद छह लाख रुपये और लिए जाते।
ये पकड़े गए
मेन सॉल्वर अनिल गिरि गोरखपुर के पीपीगंज का रहने वाला है। पटना में रहकर तैयारी कर रहा था। वहीं दूसरा सॉल्वर धीरेन्द्र कुमार उर्फ धीरू बिहार के औरंगाबाद का रहने वाला है। सॉल्वर विवेक कुमार बिहार के पूर्णिया, विपिन कुमार बिहार के भागलपुर, शंकर कुमार बिहार के जमुई का रहने वाला बताया जा रहा है। वह इलाहाबाद में रहकर तैयारी कर रहा था। आनंद यादव और संजीव सिंह गोरखपुर के पीपीगंज तो सुनील कुमार गोरखपुर के हरपुर-बुदहट और अमरनाथ यादव गोरखपुर के उरुवा बाजार का रहने वाला है। अभ्यर्थी विकास यादव और सत्यवंत यादव गोरखपुर के खजनी के रहने वाले हैं।
यह हुई है बरामदगी
-पांच लाख अस्सी हजार पांच सौ साठ रुपये
– 14 प्रवेश पत्र
– 16 मोबाइल फोन
– अर्टिगा कार यूपी 53 सीएम 9909
-फर्जी पहचान पत्र
– अभ्यर्थियों के आधार, वोटर कार्ड, आईडी
इन धाराओं में केस पंजीकृत
गिरफ्तार अभियुक्तों के खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या 505/2018 पर आईपीसी की धारा 419ए 420, 511, 120बी और 66 आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है।