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सीडीओ शाश्वत त्रिपुरारी की सख्ती—रैंकिंग न सुधरी तो वेतन बाधित करने की चेतावनी

गोरखपुर जिले में विभागों के द्वारा सीएम डैश बोर्ड पर लगातार खराब प्रदर्शन पर सीडीओ शाश्वत त्रिपुरारी ने सख्त रुख अख्तियार करते हुए अधिकारियों को कार्यप्रणाली में सुधार लाने के निर्देश दिए हैं।

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सीएम डैशबोर्ड पर खराब प्रदर्शन को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) शाश्वत त्रिपुरारी ने स्पष्ट कर दिया है कि जनसमस्याओं के निस्तारण और विकास कार्यों की प्रगति में किसी भी प्रकार की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

फरवरी माह में कई विभागों की रैंकिंग संतोषजनक नहीं

इसी क्रम में खराब प्रगति वाले अधिकारियों के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है। सीडीओ ने बताया कि मुख्यमंत्री डैशबोर्ड शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है, जिसके माध्यम से विभिन्न योजनाओं और शिकायतों की निगरानी की जाती है। फरवरी माह की समीक्षा में कई विभागों की रैंकिंग संतोषजनक नहीं पाई गई।

इन अधिकारियों पर हुई है कारवाई

इसे गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को चिन्हित किया गया और उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई। जिन अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, उनमें जिला विकास अधिकारी सतीश सिंह (जो पीओ नेडा का अतिरिक्त प्रभार भी देख रहे हैं), जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, जीएम डीआईसी और डीसी एनआरएलएम सहित अन्य संबंधित अधिकारी शामिल हैं।

रैंकिंग बिगड़ी तो बाधित होगा वेतन

इन सभी से स्पष्टीकरण मांगा गया है कि उनके विभाग की प्रगति खराब क्यों रही।सीडीओ शाश्वत त्रिपुरारी ने सख्त शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि मार्च माह में हर हाल में रैंकिंग में सुधार लाया जाए। यदि प्रगति में अपेक्षित सुधार नहीं दिखा, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ शासन स्तर पर पत्राचार किया जाएगा और वेतन बाधित करने जैसी कार्रवाई भी की जा सकती है।

जमीनी स्तर पर कार्य दिखना चाहिए

उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि सभी अधिकारी अपने-अपने विभागों की लंबित शिकायतों और योजनाओं की समीक्षा करें और उनका गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें। केवल औपचारिक रिपोर्टिंग नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर कार्य दिखना चाहिए। किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई तय है।

जनहित के मुद्दे पर लापरवाही क्षम्य नहीं

सीडीओ ने कहा कि जनहित से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और समयबद्धता बेहद जरूरी है। शासन की मंशा के अनुरूप काम करना सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी है। इस सख्ती के बाद प्रशासनिक हलकों में सक्रियता बढ़ गई है और विभागों ने अपनी कार्यप्रणाली में सुधार की दिशा में कदम तेज कर दिए हैं।

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