
फोटो सोर्स: पत्रिका, दो हत्याभियुक्त गिरफ्तार
पूर्व पार्षद प्रतिनिधि राजकुमार चौहान की जघन्य हत्या के मामले में पुलिस ने ताबड़तोड़ कारवाई करते हुए इस सनसनीखेज हत्याकांड में शामिल मुख्य आरोपी राज चौहान और विपिन यादव को सीसीटीवी फुटेज के आधार पर गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, परिजनों द्वारा नामजद किए गए अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है, ताकि किसी भी दोषी को छोड़ा न जाए।
जिलाधिकारी दीपक मीणा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ ने प्रेस वार्ता कर इस मामले की ताजा स्थिति साझा की। अधिकारियों ने बताया कि यह घटना मंगलवार तड़के करीब 5:00 बजे सुबह हुई थी जब राजकुमार चौहान मॉर्निंग वॉक पर निकले थे। उसी दौरान घात लगाए हमलावरों ने पहले उन पर गोली चलाई थी लेकिन निशाना चूक गया।
इसके बाद हमलावरों ने उनका पीछा कर चाकू से हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल अवस्था में परिजन और स्थानीय लोग पुलिस की मदद से उन्हें मेडिकल कॉलेज ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी और पुलिस तत्काल हरकत में आ गई।
एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह हत्या पुरानी रंजिश का परिणाम है। मृतक के भतीजे और आरोपियों के बीच पहले से विवाद हुआ था, जो इस घटना का कारण बना। इसी विवाद के चलते राज चौहान और विपिन यादव ने मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस ने घटना स्थल के आसपास लगे 8 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसके आधार पर आरोपियों की पहचान सुनिश्चित की गई। इसके बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। फिलहाल उनसे पूछताछ की जा रही है, ताकि घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी स्पष्ट हो सके।
हत्या के मामले में मृतक के परिजनों द्वारा कुल 8 लोगों को नामजद करते हुए तहरीर दी गई थी, जिसमें दीपक गौड़, धर्मदेव चौहान, लालजी यादव उर्फ गुड्डू यादव, धर्मपाल चौहान, अमर सिंह चौधरी, मोनू पांडे, सतेंद्र चौधरी, टिल्लू और अभय पांडे समेत अन्य के नाम शामिल हैं।
पुलिस ने सभी नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर थाने पर पूछताछ कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में चिलुआताल थाने में मुकदमा अपराध संख्या 181/2026 के तहत धारा 103(2), 61(2), 191(2), 191(3) और 303 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है।
जिलाधिकारी दीपक मीणा ने बताया कि घटना के बाद परिजनों द्वारा सुरक्षा की मांग की गई थी, जिसे तत्काल प्रभाव से पूरा कर दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि परिजनों ने नौकरी और आर्थिक सहायता की मांग की है, जिस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी बच्चों की पढ़ाई जिस स्कूल में पढ़ रहे है आगे जारी रहेगा प्रशासन पूरी मदद करेगी और पूरे मामले में पारदर्शिता के साथ कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक का कहना है कि जांच अभी जारी है और जैसे-जैसे नए तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी को इस मामले में बड़ी सफलता माना जा रहा है।
Published on:
18 Mar 2026 01:16 am
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