
पीड़ित को ही थाने में बैठा लिए जाने के खिलाफ नौसड़ चैकी पर लोगों ने जमकर बवाल काटा। गुस्साई भीड़ ने चौकी पर हंगामा करने के साथ सड़क जाम कर दिया। उग्र्र भीड़ में काफी संख्या में महिलाएं भी शामिल रहीं। गुस्साएं लोगों को हटाने के लिए पुलिस ने भी जमकर लाठीचार्ज किया। लाठीचार्ज के बाद लोग किसी तरह वहां से हटे। इस प्रकरण के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गांव में दबिश दी। पुलिसिया कार्रवाई से दहशत से गांव खाली हैं। पुलिस चौकी पर पथराव और पुलिसवालों पर हमले के आरोप में चैकी इंचार्ज ने दस नामजद सहित 20 लोगों पर बलवा, सरकारी कार्य में बांधा, सरकारी सम्पत्ति के नुकसान सहित कई धाराओं में केस दर्ज किया है। नामजद आरोपियों में दो महिला आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
नौसड़ पुलिस चौकी पर शुक्रवार की रात नौसढ़ के बरई टोला की महिला और पुरुषों ने जमकर बवाल किया था। वजह यह कि बरई टोला में शुक्रवार को एक ब्रह्मभोज था। कुछ लोगों ने इस दौरान बवाल कर दिया। इसकी सूचना पीड़ित पक्ष के सुदर्शन ने फोन से पुलिस को दी। करीब आधा दर्जन बार सूचना के बाद भी जब पुलिस नहीं पहुंची तो शिकायत करने सुदर्शन खुद चैकी पर पहंुच गए। लेकिन पुलिस ने शिकायत सुनने की बजाय शिकायतकर्ता को ही थाने में बिठा लिया। इसकी सूचना जब गांव के लोगों को हुई तो वे चौकी पहुंचे। पुलिस के व्यवहार से गुस्साएं लोगों ने बवाल शुरू कर दिया। महिलाओं ने भी चैकी में तोड़फोड़ की। पुलिस के लोगों को भी लोगों ने नहीं बख्शा। कुछ ही देर में वे लोग सड़क भी जाम कर दिए और कई गाड़ियों के शीशा तक तोड़ दिए।
गुस्साईं भीड़ को काबू में करने के लिए कई थानों की फोर्स व पीएसी बुलाई गई। काफी देर बाद मामला शांत हुआ।
कार्रवाई करते हुए शनिवार को चौकी इंचार्ज नौसड़ अक्षय कुमार मिश्रा की तहरीर पर बेलीपार थाने में 10 नामजद व 10 अज्ञात के खिलाफ धारा 147, 341, 353, 336, 427, 7 सीएलए एक्ट व 3/4 लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया।