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महिलाएं स्वस्थ एवं आत्मनिर्भर बनें, कौशल विकास पर दें जोर : प्रो. दिव्या रानी सिंह

महिला अध्ययन केंद्र की निदेशक दिव्या रानी सिंह ने अपने संबोधन में गांव की बालिकाओं को उनके विकास एवं आत्मनिर्भरता के लिए सिलाई बुनाई प्रशिक्षण देने एवं सिलाई प्रशिक्षण केंद्र खोलने को कहा, इस कार्यक्रम का उद्देश्य लड़कियों का स्कूल में पढ़ाई जारी रखने, शैक्षणिक परिणाम बेहतर करना तथा महिलाओं के लिए कौशल विकास करना, स्वच्छता रखना , फोर्टीफाइड चावल के बारे में जानकारी दी गई।

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महिलाएं स्वस्थ एवं आत्मनिर्भर बनें, कौशल विकास पर दें जोर : प्रो. दिव्या रानी सिंह

महिलाएं स्वस्थ एवं आत्मनिर्भर बनें, कौशल विकास पर दें जोर : प्रो. दिव्या रानी सिंह

महिला अध्ययन केंद्र की निदेशक दिव्या रानी सिंह ने महिलाओं के कौशल विकास पर जोर दिया।महिला अध्ययन केंद्र गोरखपुर विश्वविद्यालय, एवं वि. एस.फाउंडेशन के संयुक्त तत्वाधान में "एनीमिया, कुपोषण मुक्त गोरखपुर जन आंदोलन" विषय पर रामनगर करजहां गांव में स्वास्थ्य सेवा शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में गांव की सभी बालिकाएं, महिलाएं , एवम बच्चो का जांच किया गया।

कैम्प में मुख्य रूप से डॉ अमृता जयपुरिया (स्त्री रोग एवम प्रसूतीय रोग विशेषज्ञ ), डॉ ओ. पी. वर्मा ( स्त्री रोग प्रसुतीय रोग विशेषज्ञ ) , डॉ राजेश त्रिपाठी ( बाल रोग विशेषज्ञ ), श्रीमती संगीता मल (वि. एस.फाउंडेशन की संस्थापक),श्रीमती रंजीता सिंह (सेक्रेटरी)उपस्थित रही।

इस शिविर में गांव की लगभग 274 महिलाओं ,बालिकाओं एवं छोटे बच्चों का का डॉक्टरों द्वारा चेकअप करवाया गया तथा उनकी काउंसलिंग की गई । जिसमें अधिकतर किशोरी लड़कियों में हीमोग्लोबिन की कमी पाई गई तथा व्यस्क महिलाओं में बीपी और शुगर की समस्या प्रमुख रूप से पाई गई, तथा छोटे बच्चों में एवं बच्चियों में कुपोषण की संख्या को भी देखा गया।

महिला अध्ययन केंद्र की निदेशक दिव्या रानी सिंह ने अपने संबोधन में गांव की बालिकाओं को उनके विकास एवं आत्मनिर्भरता के लिए सिलाई बुनाई प्रशिक्षण देने एवं सिलाई प्रशिक्षण केंद्र खोलने को कहा, इस कार्यक्रम का उद्देश्य लड़कियों का स्कूल में पढ़ाई जारी रखने, शैक्षणिक परिणाम बेहतर करना तथा महिलाओं के लिए कौशल विकास करना, स्वच्छता रखना , फोर्टीफाइड चावल के बारे में जानकारी दी गई।

इस चावल में आयरन एवम कैल्शियम की अच्छी मात्रा पाई जाती है जिसे महिलाओं में एनीमिया को दूर किया जा सकता है उन्हे जागरूक करने का प्रयास किया गया ताकि उनके लिए रोजगार के बेहतर मौके उपलब्ध हो सके।

इलाकों की लड़कियों एवं महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से यह कार्यक्रम चलाया जा रहा है। कार्यक्रम में गृह विज्ञान विभाग गोरखपुर की शोधार्थी प्रतीक्षा मल्ल,काजोल ,आर्यन,शिवांगी मिश्रा ,कविता त्रिपाठी,अर्चिता एवं बीएससी 6th सेमेस्टर की छात्राएं उपस्थित रही।