
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली से सटे ग्रेटर नोएडा के निवासियों को बहुत जल्द गंगाजल की आपूर्ति शुरू हो जाएगी। साथ ही प्राधिकरण निवासियों को गंगा के अवतरण की पूरी गाथा भी समझाएगा।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ आईएएस नरेंद्र भूषण के निर्देश पर गंगाजल के मास्टर रिजर्ववायर की दीवारों पर गंगा के अवतरण और पवित्रता की पूरी गाथा उकेरने की तैयारी भी कर ली है। इस जगह को बहुत सुंदर व हरा-भरा बनाए जाने का प्लान है।
सीईओ नरेंद्र भूषण ने किया मुआयना:
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ नरेंद्र भूषण ने मंगलवार को गंगाजल प्रोजेक्ट का मौके पर जाकर मुआयना किया. ग्रेटर नोएडा के जैतपुर गांव के पास स्थित मास्टर रिजर्ववायर पर चल रहे कार्यों को देखा. सीईओ ने इस प्रोजेक्ट से जुड़े इंजीनियरों को निर्देश दिए कि इस रिजर्व वायर को बेहद सुंदर और आकर्षक बनाया जाए. आसपास ग्रीनरी विकसित करें, ताकि लोग इसे देखें.
एरिया को भी सुंदर बनाने के निर्देश:
सीईओ नरेंद्र भूषण ने निर्देश दिए कि मास्टर रिजर्व वायर की दीवारों पर गंगा के अवतरण की पूरी गाथा लिखें, ताकि लोगों को गंगाजल की पवित्रता के बारे में पता चल सके.
मास्टर रिजर्व वायर के फर्श पर बड़े अक्षरों में ग्रेटर नोएडा गंगाजल रिजर्व वायर लिखें. बाउंड्री वॉल बनाकर खाली जगह को ग्रीन करें. उन्होंने रिजर्व वायर परिसर के अलावा आसपास के एरिया को भी हरा-भरा बनाने के निर्देश दिए. उन्होंने बिजली की केबलों को भूमिगत कराने को भी कहा.
800 करोड़ खर्च कर घर घर गंगाजल पहुंचाने का प्रयास:
दरअसल, ग्रेटर नोएडा वासियों को खारे पानी से निजात दिलाने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण गंगाजल आपूर्ति की योजना पर काम कर रहा है। गंग नहर के जरिए ग्रेटर नोएडा तक 85 क्यूसेक गंगाजल शीघ्र लाने की तैयारी है।
इस परियोजना पर करीब 800 करोड़ रुपये खर्च होंगे. इस साल के अंत तक लोगों के घरों तक गंगाजल पहुंचाने की कोशिश है और इसकी तैयारी अंतिम चरण में है. गंगाजल सप्लाई होने से ग्रेटर नोएडा के निवासियों को मीठा पानी मिल सकेगा. फिलहाल, ग्रेटर नोएडा में भूजल से ही जलापूर्ति की जा रही है.
Updated on:
29 Sept 2021 06:05 pm
Published on:
29 Sept 2021 06:00 pm
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