
यूपी के इस जिले में इतने में बिकता है थाना, ओडियो हुआ वायरल!
नोएडा. बीएसपी और एसपी सरकार के बाद में भाजपा में भी पैसे लेकर कोतवाली व थाना बिकने का मामला सामने आया है। मामले का एक आॅडियो वायरल हो रहा है। वायरल आॅडियो में दावा किया गया है कि पोस्टिंग के नाम पर अधिकारी रुपये लेते है। वहीं एक चैटिंग में दावा किया गया है कि एडीजी आॅफिस में 50 हजार रुपये देकर नोएडा से बुलंदशहर ट्रॉसफर कराया था। वहीं कोतवाली प्रभारी की कुर्सी दिलाने के नाम पर इंस्पेक्टर से 4 लाख रुपये लेने का भी मामला सामने आया है। इस मामने में दोनों पक्षों के बीच ट्रॉसफर को लेकर एक आॅडियो वायरल हुआ है।
पिछले कुछ सरकारों में रुपये देकर कोतवाली व चौकी इंजार्च बनाने के एवज में रुपये देने के आरोप लगे है। भाजपा सरकार में भी कुछ ऐसा ही मामला सामने आया है। वायरल हुए आॅडियो में एक कोतवाल रुपये वापस मांग रहा है। दरअसल में उससे गौतमबुद्ध नगर में कोतवाली प्रभारी बनाने के लिए 4 लाख रुपये की मांग की गई। लेकिन अभी तक उन्हें कुर्सी नहीं दिलवाई गई। आरोप है कि वह 4 लाख रुपये कोतवाली प्रभारी बनने की एवज में दे चुका है। लेकिन कई बार लिस्ट सामने आने के बाद भी उसे कुर्सी नहीं दिलवाई गई। बताया गया है कि 4 लाख रुपये की ठगी का शिकार होने वाला पुूलिसकर्मी जिले में विभिन्न थानों का चार्ज संभाल चुके है। विभिन्न कोतवानी व थानों में प्रभारी रह चुके इंस्पेक्टर को तत्कालीन एसएसपी लव कुमार ने 1 प्रकोष्ठ में तैनात किया था।
लवकुमार के डीआईजी बनने के बाद में उनका ट्रॉसफर हो गया और एसएसपी डॉक्टर अजयपाल शर्मा को तैनात कर दिया गया है। बताया गया है कि बुलंदशहर में तैनात एक इंस्पेक्टर को जिले में तैनाती देने के नाम 4 लाख रुपये की डिमांड की गई थी। बताया गया है कि वायरल आॅडियो में एक व्यक्ति खुद को डॉक्टर अजयपाल शर्मा का करीबी बताया है। कोतवाली का चार्ज दिलाने के एवज में 4 लाख रुपये मांगे गए। बुलंदशहर में तैनात रहे एक इंस्पेक्टर ने जिले में तैनाती के नाम पर उस व्यक्ति को 29 अप्रैल को 2 लाख रुपये और उसके बाद में 2 लाख और दे दिए।
बताया गया है कि उस दौरान थाना प्रभारियोंं का ट्रॉसफर किया गया है। लेकिन उसी लिस्ट में रुपये देने वाले प्रभारी का नाम नहीं आया। आरोपी व्यक्ति ने मामले को टरकाते हुए उन्हें कोतवाली सेक्टर 58 का प्रभारी बनाने का झांसा दिया है। कई बार सेक्टर 58 का प्रभारी बनाने को लेकर भी दोनों के बीच में कहासुनी हुई। ठगी का शिकार हुआ पुलिसकर्मी अब अपने रुपये वापस मांग रहा है। उधर, एसएसपी डॉक्टर अजयपाल शर्मा का कहना है कि कोई व्यक्ति मेरे नाम पर रुपये लेता है तो यह गलत है। शिकायत व सबूत मिलने पर आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर जेल भेजा जाएगा।
बुलंदशहर ट्रॉसफर के नाम पर एक इंस्पेक्टर ने चैटिंग के दौरान कहा है कि उसने एडीजी मेरठ के ऑफिस में 50 हजार रुपये पहुंचाए है। रुपये देेने के बाद में बुलंदशहर ट्रॉसफर हुआ है। चैटिंग में यह भी है कि योगी सरकार में हर जगह पैसा चल रहा है। वहीं सीयूजी नंबर से चैट होने के बाद में बुलंदशहर एसएसपी ने इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया है। सीयूजी नंबर से रिश्वतखोरी का चैट का स्क्रीन शॉट सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।
Updated on:
17 Jul 2018 12:01 pm
Published on:
17 Jul 2018 11:50 am
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