
ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश का सबसे हाईटेक जिला गौतमबुद्ध नगर, जहां मल्टी और सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल बड़ी संख्या में मौजूद हैं। यहां का जिला अस्पताल (district hospital) भी 600 करोड़ की लागत से बनी बिल्डिंग में चलता है, लेकिन जनपद की मेडिकल व्यवस्था (medical) की पोल कोरोना महामारी ने खोल कर रख दी है। शहरों में तो लोगों को कुछ इलाज मिल भी जा रहा है, लेकिन जिले की स्वास्थ्य सुविधाओं और मरीजों की वास्तविकता को जानना है तो यहां के गांव (coronavirus in villages) का रुख करना पड़ेगा। हाल ही में हुए पंचायत चुनाव के बाद से गांव-गांव में रहस्यमयी बुखार पहुंच चुका है। हालांकि अभी इसे कोरोना का संक्रमण नहीं कहा जा सकता, क्योंकि गांव में अभी तक कोरोना की जांच के लिए कोई स्वास्थ्य विभाग की टीम नहीं पहुंची है। जब इन मरीजों का टेस्ट होगा तभी यह स्पष्ट हो सकेगा। कुछ ऐसा ही हाल नगर के मुख्यालय से करीब 80 किलोमीटर दूर गांव मेवला गोपालगढ़ का है।
जहां नीम की टहनियों पर लटकी सलाइन वॉटर की बोतल और खाट पर दर्द से कराहते हुए मरीज आपको नजर आ जाएंगे। लोगों की सांस फूल रही है, खांसी आ रही है और वे बुखार से तप रहे हैं। इसीलिए घर छोड़कर नीम के नीचे इलाज कराने के लिए मजबूर हैं। गांव के प्रधान गोपाल तालान कहते हैं कि 3000 की आबादी वाले इस गांव में अब तक स्वास्थ्य विभाग की टीम नहीं पहुंची, जबकि बीमारी घर घर पहुँच गई है। यहां बीते 15 दिन से 16 लोग गंभीर रूप से बीमार हुए हैं। बिना कोई भी जांच के ही एक डॉक्टर नीम की छांव में उनका इलाज कर रहे हैं। इसके लिए वह अपना तर्क देते हैं कि नीम के पेड़ के नीचे ऑक्सीजन ज्यादा मिलती है। इसलिए इलाज नीम की छांव में किया जा रहा है। रात होने पर वे अपने घरों को चले जाते हैं।
नीम की छांव में इलाज करा रहे हैं 67 वर्षीय हरमीत सिंह कहते हैं कि उन्हें 29 अप्रैल को कोरोना वैक्सीन लगी थी। इसके बाद बुखार आया और तबियत बिगड़ने लगी। शुक्रवार को इसकी जांच कराई गई तो रिपोर्ट पॉज़िटिव आई। गांव के प्रधान कहते हैं कि हरवीर सिंह का ऑक्सीजन लेवल 82 है। कई अस्पतालों में चक्कर लगाने के बाद जब इलाज नहीं मिला तो मजबूरन घर आना पड़ा और अभी नीम के पेड़ के नीचे इलाज कराने के लिए मजबूर हैं। वह कहते हैं कि 5 लोगों की मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग कहता है कि जांच हो रही है, लेकिन गांव प्रधान को ही पता नहीं है कि यह जांच कहां हो रही है। उनके बार-बार अनुरोध अब तक स्वास्थ्य की कोई टीम नहीं आई है। उनका कहना है कि स्टाफ की कमी है।
Published on:
16 May 2021 12:34 pm
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