4 नवंबर 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Arms licence हर किसी को नहीं, ‘हैसियत’ रखने वालों को ही मिलेगा

Arms licence के लिए निवास, जन्म, स्वास्थ्य प्रमाण पत्र समेत जरुरी कागजात जमा कराने होंगे, तभी आवेदन स्वीकार किया जाएगा।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

ग्रेटर नोएडा

•

image

Virendra Kumar Sharma

•

Updated: 25 Oct 2018, 3:12 PM IST

arms

शस्त्र लाइसेंस हर किसी को नहीं, 'हैसियत' रखने वालों को ही मिलेगा

ग्रेटर नोएडा. उत्तर प्रदेश में Arms licence से रोक हटने के बाद कलेक्ट्रेट में शस्त्र विभाग में आवेदन पत्र लेने वालों की भीड़ उमड़ रही है। विभागीय अधिकारियों की माने तो अभी तक एक हजार से अधिक आवेदन फॉर्म बेच दिए गए हैं। शस्त्र लाईसेंस के लिए इच्छूक व्यक्ति आवेदन कर सकता है। लेकिन उन्हें जरुरी कागजात फॉर्म के साथ लगाने होंगे। विभागीय अधिकारियों की माने तो अगर जरुरी कागजात आवेदक नहीं लगाता है तो फॉर्म निरस्त कर दिया जाएगा। इस बार हैसियत प्रमाण पत्र भी देना होगा। अगर कोई हैसियत प्रमाण पत्र नहीं देता है तो आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।

यह भी पढ़ें: यूपी में शस्त्र लाईसेंस से हटी रोक, ऐसे करें आवेदन, जमा करने होंगे ये कागजात

पिछले कुछ सालों में शस्त्र लाइसेंस बनाने पर रोक लगी हुई थी। योगी सरकार ने शस्त्र लाइसेंस से वर्षों बाद रोक हटा ली है। लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अधिकारियों की माने तो अपराध पीड़ित, विरासत, व्यापारी, उद्यमी, बैंक, संस्थागत, वितीय संस्थान, विभिन्न विभागों के ऐसे कर्मी, जो प्रवर्तन में कार्यरत हैं जैसे सैनिक/अर्धसैनिक/पुलिसबल के कर्मी, एमएलए, एमएलसी, एमपी, राज्य, राष्ट्रीय, अर्तराष्ट्रीय स्तर के निशानेबाज आदि को लाइसेंस बनवाने में वरीयता दी जाएगी।

जमा करने होंगे ये प्रमाण पत्र

Revolver, Gun व अन्य लाइसेंस लेने के लिए पहचान पत्र, एड्रेस प्रुफ, 2 पासपोर्ट साइज फोटो, वोटर ID और उसके साथ-साथ पिछले 3 साल की इनकम टैक्स रिटर्न का की पूरी जानकारी देनी होती है। पढ़ाई के प्रमाण पत्र के अलावा जन्म प्रमाण पत्र की फोटो कॉपी भी देेनी होगी। लेकिन लाइसेंस के लिए आवेदन करने वालों को इन सभी कागजात के साथ में हैसियत प्रमाण पत्र देना होगा। पैन कार्ड के साथ-साथ प्रारूप एस-3 पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा किया गया स्वास्थ्य प्रमाण पत्र भी देना जरुरी है। वहीं, व्यापारियों को जीएसटी रजिस्ट्रेशन की कॉपी आवेदन पत्र के साथ लगानी होगी। गौतम बुद्ध नगर के डीएम बीएन सिंह ने बताया कि आवेदकों को जरुरी सभी प्रमाण पत्र लगाने होंगे। उसके बाद भी शस्त्र लाइसेंसों के आवेदनों पर ही विचार किया जाएगा। हालाकि इससे पहले पुलिस और राजस्व विभाग द्वारा आवेदक के कागजात और अन्य जांच की जाती है। अगर लाइसेंस देना जरुरी लगेगा, उसके बाद भी प्रशासन लाइसेंस जारी करेगा।

ऐसे बनेगा हैसियत प्रमाण पत्र

आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र की तर्ज पर ही हैसियत प्रमाण पत्र बनेगा। हैसियत प्रमाण पत्र बनवाने के लिए जमीन के दस्तावेज, शपथ पत्र, खतौनी, पैन कार्ड, संपत्ति की फोटो, पैन कार्ड, आधार कार्ड, तहसील की रिपोर्ट, हाउस टैक्स, टैक्स का नोड्यूज लगाना पड़ता है। जिला कलेक्ट्रेट में सभी फॉर्म के साथ जमा करने होते है। उसके बाद में प्रशासन की तरफ से हैसियत प्रमाण पत्र जारी किया जाता है। यूपी में आय, जाति, मूल निवास आदि की तरह ही हैसियत प्रमाण पत्र के लिए आॅनलाइन अप्लाई कर सकते है।

दोगुना हुआ रेट

आवेदकों को शस्त्र लाइसेंस के लिए आवेदन फॉर्म खरीदने के लिए जेब अधिक ढीली करनी होगी। इससे पहले आवेदन फॉर्म की फीस 200 रुपये थी, अब 500 रुपये कर दी गई है।

यहां भी उमड़ रही भीड़

गाजियाबाद में शस्त्र लाइसेंस बनवाने वालों की भीड़ कलेक्ट्रेट पहुंच रही है। शस्त्र विभाग के अधिकारियों की माने तो पिछले 11 दिनों के अंदर प्रशासन की ओर से 643 आवेदन फॉर्म बेच दिए गए हैं।

यह भी पढ़ें: योगी सरकार ने शस्त्र लाईसेंस बनवाने की दी छूट, इनको मिलेगी वरीयता

बड़ी खबरें

View All

ग्रेटर नोएडा

उत्तर प्रदेश