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मायावती के करीबी पूर्व कैबिनेट मंत्री को बदनाम करने लिए बसपा के ही बड़े नेताओं ने रची थी यह साजिश

बसपा नेता व यूपी के पूर्व कैबिनेट मंत्री करतार सिंह नागर को हनीट्रैप में फंसाने के मामले में बादलपुर पुलिस ने बसपा के जिला उपाध्यक्ष और एक महिला को जेल भेजा था

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mayawati

मायावती के करीबी पूर्व कैबिनेट मंत्री को बदनाम करने लिए बसपा के ही बड़े नेताओं ने रची थी यह साजिश

ग्रेटर नोएडा. बसपा नेता व यूपी के पूर्व कैबिनेट मंत्री करतार सिंह नागर को हनीट्रैप में फंसाने के मामले में बादलपुर पुलिस ने बसपा के जिला उपाध्यक्ष और एक महिला को जेल भेजा था। पुलिस पूरे मामले की छानबीन करने में जुटी है। पुलिस की जांच में बसपा के कई बड़े नेताओं का नाम सामने आ रहे है। इनमें वेस्ट यूपी का एक बड़ा नेता भी शामिल है। पुलिस ने उनके खिलाफ सबूत जुटाने शुरू कर दिए है। जल्द ही उनकी गिरफ्तारी हो सकती है।

जानकारी के अनुसार, बादलपुर निवासी बसपा के पूर्व कैबीनेट मंत्री करतार नागर को एक अज्ञात मोबाइल नंबर से किसी महिला ने शस्‍त्र लाइसेंस बनवाने के बहाने फोन किया। मंत्री की तरफ से 26 जवरी को अज्ञात महिला के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। महिला ने उन्हें बाहर घुमाने का आॅफर भी दिया था। बादलपुर पुलिस ने गुरुवार को इस मामले में बीएसपी के जिला उपाध्यक्ष उपदेश नागर और गाजियाबाद में रहने वाली एक महिला को गिरफ्तार किया था। पुलिस की जांच में वेस्ट यूपी के एक बड़े नेता का भी नाम भी सामने आया है। इसके अलावा जिले के ही 2 बड़े नेताओं के नाम भी। कॉल डिटेल व अन्य तरीकों से पुलिस अब इन नेताओं के खिलाफ सबूत जुटा रही है। सुत्रो की माने तो उसके बाद में पुलिस की तरफ से पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया जा सकता है।

बदनाम करने के लिए रची गई थी साजिश

बादलपुर कोतवाली प्रभारी नगेंद्र चौबे ने बताया कि पूरी साजिश बसपा उपाध्यक्ष उपदेश नागर ने रची थी। उन्होंने बताया कि उपदेश नागर निवासी मिल्क लच्छी ने पूर्व मन्त्री करतार सिंह का मोबाइल नंबर महिला को दिया और पूर्व मंत्री को फंसाने पर 2 करोड़ रूपये लेने की बात कही। षड़यन्त्र के तहत पूर्व मन्त्री करतार नागर को कई बार महिला ने whatsapp पर call और मैसेज भी किए। पुलिस ने बताया कि पूछताछ के दौरान उपदेश नागर ने स्वीकार किया है कि बसपा पार्टी की तरफ से गौतम बुद्ध नगर लोकसभा प्रत्याशी टिकट उनके रिस्तेदार को दिया हुआ था। लेकिन बसपा सुप्रीमो की तरफ से उनका टिकट काट दिया गया। उन्होंने बताया कि बसपा उपाध्यक्ष को शक था कि टिकट पूर्व कैबीनेंट मंत्री के कहने पर काट दिया गया। इसी का बदला लेने के लिए पूरी साजिश रची गई थी।

आरोपी महिला भी कर रही थी मंत्री पर एफआईआर दर्ज कराने की कोशिश

सूत्रों ने बताया कि महिला को यह मालूम हो गया था कि उसके खिलाफ बादलपुर कोतवाली में मुकदमा दर्ज हो गया है। उससे बचने के लिए महिला ने कोर्ट से पूर्व मंत्री के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने का प्रयास किया था।