
बाइक बोट की तरह इलेक्ट्रिक स्कूटी योजना के नाम पर लोगों का पैसा दोगुना करने वाली कंपनी करोड़ों लेकर फरार, Video
ग्रेटर नोएडा. बाइक बोट की तरह नोएडा में एक और बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। बताया जा रहा है कि लोगों को करोड़ों की चपत लगाने वाली गो-वे इंडिया नाम की कंपनी के संचालक फिल्म बंटी और बबली की तर्ज पर ठगी कर फरार हो गए हैं। पीड़ितों की शिकायत पर पुलिस कासना थाने में मुकदमा दर्ज आरोपियों की तलाश में जुटी है। बता दें कि ये कंपनी 62 हजार रुपये को एक साल में दोगुना करने के नाम लोगों से निवेश कराती थी। पुलिस को अब तक गो वे में पैसा निवेश करने वालों की 12 से अधिक शिकायतें मिल चुकी हैं।
दरअसल, जेएनएस प्लाजा साइट-4 में स्थित दफ्तर से गो-वे इंडिया कंपनी ने बाइक बोट की तरह ही गो-वे इंडिया नाम की इलेक्ट्रिक स्कूटी योजना शुरू की थी। इस कार्यालय का उद्घाटन तत्कालीन एसएसपी से कराया गया था। इस कंपनी के मालिक अनिल सेन व उनकी पत्नी मीनू व बेटे कुणाल सैन हैं। क्लीन इंडिया, ग्रीन इंडिया उद्देश्य के साथ शुरू की गई इस योजना में लोगों से करोड़ों रुपया निवेश कराया गया। कंपनी ने 62 हजार रुपये निवेश करने पर एक साल में दोगुना करके पैसे देने का वादा किया। यह पैसा एक साल की किस्तों में निवेशेकों का वापस किया जाना था।
लोगों ने मुनाफे के लालच में मोटा पैसा कंपनी में लगाया
इस लुभावनी योजना और कंपनी के दावों के बाद लोग रुपया डबल होने के झांसे में आने लगे। लोगों ने मुनाफे के लालच में मोटा पैसा कंपनी में लगा दिया। निवेशकों की मानें तो कुछ दिनों तक तो लोगों का पैसा आता रहा और यह देख अन्य लोग भी निवेश करने लगे, लेकिन मई माह में लोगों को किश्त नहीं मिली तो उन्होंने कंपनी में संपर्क किया। उन्हें बताया गया कि कुछ तकनीकी कमी के कारण किश्त नहीं जा पा रही है। यहां तक तो निवेशक मान गए, लेकिन इसी बीच निवेशकों पता चला कि कंपनी मालिक कंपनी के मुख्य कार्यालय में ताला जड़कर फरार हो गए हैं। इसके बाद जैसे पीड़ितों के पैरों तले जमीन ही न रही और मायूस निवेशकों ने पुलिस का दरवाजा खटखटाया।
एसएसपी वैभव कृष्ण ने बताया कि बुलंदशहर निवासी दीपेश शर्मा की शिकायत पर कंपनी के खिलाफ कासना थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। दीपेश की शिकायत के अनुसार गो-वे इंडिया में उन्होंने 8.68 लाख रुपये निवेश किए हैं। उन्होंने पत्नी व सास के नाम पर भी निवेश कराया है। उन्हें सिर्फ एक ही किस्त मिली है। इसके बाद से उनका पैसा आना बंद हो गया। जब कंपनी से संपर्क किया तो बताया गया कि कुछ तकनीकी दिक्कत है। पैसा आ जाएगा।
दीपेश 15 जून को फिर साइट-4 दफ्तर पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि आपका पैसा सोमवार को आ जाएगा। इस ग्रुप की स्कूटी चलती हैं। इसलिए दीपेश फिर रविवार को पहुंचे तो दफ्तर में ताला लटका मिला। इसके बाद दीपेश शर्मा ने पुलिस का कासना थाने शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस का कहना है की लोगों की शिकायत पर FIR दर्ज कर ली गई है और अभी ये साफ नहीं हो पाया है कि कितने का घोटाला है और इसमें कितने लोग पीड़ित हैं। फिलहाल तफ्तीश की जा रही है। जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।
Published on:
21 Jun 2019 05:52 pm
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