
GST
ग्रेटर नोएडा. शहर में पानी-पीने के लिए अब लोगों को और भी जेब ढीली करनी होगी। ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने पानी के बिल में 18 प्रतिशत जीएसटी जोड़कर भेजना शुरू कर दिया है। अथॉरिटी अफसरों की तरफ से पानी के बिल में पिछले 4 माह में 2 बार इजाफा किया गया है। जिसकी वजह से इस बार शहर के लोगों की जेब पर अधिक बोझ पड़ेगा।
4 माह में दो बार बढ़ा बिल, होगी जेब ढीली
ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने इससे पहले भी बिल का चार्ज बढ़ाया गया था। अथॉरिटी की तरफ से एक अप्रैल से 10 प्रतिशत पानी का चार्ज बढाया गया था। अब जुलाई में दोबारा से 18 प्रतिशत का जीएसटी लगाया गया है। शहर के करीब 40 हजार लोगों को जेब ढीली करनी होगी। अथॉरिटी अफसरों की मानें तो पानी की सप्लाई में सालाना करीब 27 करोड़ रुपये का खर्च आता है, जबकि पानी के बिल से महज 13 करोड़ रुपये ही मिल पाते है।
अथॉरिटी करती है शहर में पानी की सप्लाई
शहर में पानी की सप्लाई ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी करती है। पानी की सप्लाई के लिए अथॉरिटी प्लॉट के साइज के हिसाब से रुपये चार्ज करती है। जीएसटी लागू होने के बाद में अब 18 प्रर्सेंट बिल जोड़ा जाएगा। अथॉरिटी अफसरों ने बताया कि इससे पहले पानी पर कोई टैक्स नहीं लगता था। जुलाई से पानी के बिल में 18 प्रतिशत जीएसटी जोड़कर बिल भेज गया है।
ये बढ़े है रेट
वर्ग मीटर का मकान पुराने रेट नए रेट
60 88 104
61 से 120 146 172
121 से 200 264 312
201 से 350 439 518
351 से 500 585 690
500 से 1000 879 1037
आपको बतादें कि जीएसटी को लेकर अभी भी कई दुविधा बनी हुई है। इस बीच राज्यों की ओर से बढ़ते दबाव के बीच जीएसटी काउंसिल जल्द ही विभिन्न उत्पादों की दरें प्रकाशित करना शुरू करेगी। इसका मकसद जीएसटी से उत्पादों की घटी कीमतों का फायदा ग्राहकों तक पहुंचाना है। इसमें इनपुट टैक्स क्रेडिट से कंपनियों को होनेवाले फायदे की भी जानकारी दी जाएगी।
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