ग्रेटर नोएडा

जेवर एयरपोर्ट के पास YEIDA में HCL और Foxconn करेगा 3,700 करोड़ रुपए का निवेश, CM Yogi ने PM Modi का किया धन्यवाद 

प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में छठे सेमीकंडक्टर प्लांट को मंज़ूरी मिली, HCL-Foxconn मिलकर YEIDA में बनाएंगे। यह प्लांट 3,700 करोड़ के निवेश से चिप निर्माण करेगा।

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YEIDA News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आज केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत सेमीकंडक्टर मिशन के तहत एक और सेमीकंडक्टर प्लांट की मंजूरी दे दी है। इससे पहले ही देश में पांच सेमीकंडक्टर यूनिट्स पर काम चल रहा है। अब छठी यूनिट की भी शुरुआत होने जा रही है, जिससे भारत सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में और आगे बढ़ेगा।

सीएम योगी ने किया पीएम मोदी का धन्यवाद 

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म ‘X’ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद किया। उन्होंने अंग्रेजी में लिखा कि भारत अब सेमीकंडक्टर विनिर्माण में वैश्विक नेतृत्व की ओर बढ़ रहा है और उत्तर प्रदेश उच्च स्तरीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर उत्पादन के केंद्र के रूप में उभर रहा है।

YEIDA में लगेगा प्लांट 

यह नया प्लांट HCL और Foxconn मिलकर बनाएंगे। HCL को हार्डवेयर बनाने में सालों का अनुभव है और Foxconn दुनिया की बड़ी इलेक्ट्रॉनिक्स बनाने वाली कंपनी है। दोनों कंपनियां मिलकर यह प्लांट जेवर एयरपोर्ट के पास, यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक क्षेत्र (YEIDA) में लगाएंगी।

बनेंगे चिप्स 

इस प्लांट में मोबाइल, लैपटॉप, कार, कंप्यूटर और दूसरी डिस्प्ले वाली मशीनों के लिए चिप्स (डिस्प्ले ड्राइवर चिप्स) बनेंगी। इस फैक्ट्री में हर महीने 20,000 वेफर और 3.6 करोड़ चिप्स बनाने की क्षमता होगी। देशभर में अब सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री तेज़ी से फैल रही है। कई राज्यों में चिप डिज़ाइन करने की आधुनिक लैब्स और सुविधाएँ शुरू हो चुकी हैं। राज्य सरकारें भी डिज़ाइन कंपनियों को अपने यहाँ बुला रही हैं।

3,700 करोड़  रुपए का निवेश 

270 कॉलेज और यूनिवर्सिटी में छात्र और 70 स्टार्टअप्स नई तकनीक पर काम कर रहे हैं। इन छात्रों द्वारा डिज़ाइन किए गए 20 चिप्स को SCL मोहाली में टेस्ट भी किया जा चुका है। इस नई यूनिट में लगभग ₹3,700 करोड़ का निवेश होगा।

भारत में बढ़ रहा सेमीकंडक्टर का कारोबार 

भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम से जुड़ी बड़ी कंपनियां जैसे Applied Materials और Lam Research भी अब भारत में काम कर रही हैं। साथ ही, Merck, Linde, Air Liquide, Inox जैसी गैस और केमिकल सप्लाई करने वाली कंपनियाँ भी भारत में अपने कारोबार को बढ़ा रही हैं।

जैसे-जैसे भारत में मोबाइल, लैपटॉप, मेडिकल डिवाइसेज़, रक्षा उपकरण और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स की मांग बढ़ रही है, यह नई यूनिट आत्मनिर्भर भारत के सपने को और मजबूत बनाएगी।

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