
यूपीएससी टॉपर इशिता किशोर
Ishita Kishore: यूपीएससी 2022 की टॉपर इशिता किशोर आजकल काफी चर्चे मएई हैं। लोग सोशल मीडिया पर उनके रिजल्ट को लेकर लगातार बधाइयां दे रहे हैं। और इशिता की लाइफस्टाइल और उनके जीवन से संबंधित सारी बातें लोगों को पसंद आ रही हैं। हाल ही में सोशल मीडिया पर लोग इशीता किशोर की जाति को लेकर सवाल कर रहे थें। चूंकि, इशिता देश की सबसे कठिन परीक्षा यूपीएससी में पहला रैंक प्राप्त की है। ऐसे में सभी यह जानना चाहते हैं कि आखिर उनका जीवन कैसा था? उन्होंने अपने जीवन में क्या क्या हासिल किया? आप यह जानकर हैरान हो जाएंगे कि यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा में पूरे देश में पहला स्थान प्राप्त करने वाली इशिता किशोर ने कभी नेशनल लेवल की फुटबॉल प्लेयर रह चुकी हैं। आज हम जानेंगे कि कैसा रहा इशिता का फुटबॉल प्लेयर से IAS अधिकारी तक का सफर।
दो बार असफल रहीं इशिता
अगर आपने असफलताओं से घबराना छोड़ दिया और किसी लक्ष्य को लेकर खुद में निश्चय कर लिया तो एक न एक दिन कामयाबी आपकी कदमें चूमेंगी। और यूपीएससी 2022 की टॉपर इशिता किशोर की कहानी भी कुछ इसी तरह की है। लगातार दो बार यूपीएससी परीक्षा में फेल होने के बाद भी इशिता ने अपना मनोबल कमजोर नहीं होने दिया और तीसरी बार में उसने वह कर दिखाया जिसकी मिसाल आज पूरा देश दे रहा है। इशिता ने यूपीएससी परीक्षा के तीसरे टेम्प्ट में इतिहास रचते हुए देश में पहला रैंक प्राप्त किया।
इस रिजल्ट का श्रेय मेरे परिवार को जाता है - इशिता किशोर
यूपीएससी टॉपर इशिता किशोर मूलरूप से पटना, बिहार की रहने वाली है। लेकिन उनका परिवार अब यूपी के ग्रेटर नोएडा में रहता है। इशिता के पिता एयर फोर्स में एक आधिकारिक पद पर थें और इशिता की मां एक प्राइवेट स्कूल की टीचर हैं। परीक्षा में टॉप करने के बाद मीडिया से बात करते हुए इशिता ने बताया था कि "मैं अपने परिवार के प्रति आभारी हूं, मेरे पिछले दो असफलताओं में मेरे परिवार वालों ने मेरा बहुत सपोर्ट किया, वें मेरे साथ हमेशा खड़े रहें और आज इस रिजल्ट का पूरा श्रेय मैं अपने परिवारवालों को देना चाहती हूं, जिन्होंने मुझे बहुत प्रोत्साहित किया।"
नेशनल लेवल की फुटबॉल प्लेयर रह चूंकि हैं इशिता
बता दें कि यूपीएससी टॉपर इशिता किशोर कभी फुटबॉल की खिलाड़ी रह चूकि हैं। मीडिया से बात करते हुए बताया कि वह राष्ट्रीय स्तर की फुटबॉल खिलाड़ी रह चुकीं है और वह महिला सशक्तिकरण और दबे कुचले लोगों के उत्थान के लिए प्रयास करूंगी। साथ ही उन्होंने कहा कि "मैं राष्ट्रीय स्तर की फुटबॉल खिलाड़ी हूँ और मैंने 2012 में सुब्रतो कप फुटबॉल टूर्नामेंट में भी भाग लिया था।"
इशिता किशोर का कैडर
इशिता किशोर मूलरूप से यूपी की तो नहीं लेकिन उनका रिश्ता यूपी से जरूर जुड़ गया है। उनकी इच्छा भी है कि वह यूपी कैडर को ज्वाइन करें। इशिता ने बताया कि "मैंने IAS यानी भारतीय प्रशासनिक सेवा का विकल्प चुना है। और उसमें भी मैंने यूपी कैडर के लिए पहली प्राथमिकता दी है।"
Published on:
26 May 2023 11:27 am
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