ग्रेटर नोएडा वेस्ट के आम्रपाली ड्रीम वैली फेज-2 प्रोजेक्ट पर हुए लिफ्ट हादसे के बाद लोग दहशत में आ गए हैं। अब लोग अपने अपार्टमेंट्स और बिल्डिंग की लिफ्ट उपयोग करने में भी सहमने लगे हैं।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट के आम्रपाली ड्रीम वैली फेज-2 प्रोजेक्ट पर हुए लिफ्ट हादसे के बाद लोग दहशत में आ गए हैं। कंस्ट्रक्शन कंपनी के अधिकारियों ने सुरक्षा मानकों को पूरी तरीके से दरकिनार कर दिया और मजदूरों को मौत के मुंह में झोंक दिया। मजदूरों ने कई बार खराब लिफ्ट की शिकायत अपने अधिकारियों से की, लेकिन उनकी बातों को अनसुना कर दिया गया। इसका नतीजा यह निकला कि एक साथ कई जिंदगियां मौत के मुंह में समा गईं।
हांलाकि, आम्रपाली ड्रीम वैली लिफ्ट हादसे पर एक्शन लेते हुए 9 नामजद सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है। पुलिस ने इस मामले में 16 लोगों को हिरासत में ले लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। लगातार हो रहे लिफ्ट हादसों से लोग अब दहशत में हैं।
पहले भी खराब हो चुकी थी लिफ्ट
मजदूरों की सुरक्षा के लिए न तो जाल लगाया गया था और न ही प्राथमिक उपचार की कोई व्यवस्था थी। जिस लिफ्ट से हादसा हुआ वह काफी पुराना और जर्जर था। तकनीकी खामी आने के कारण वह पहले भी कई बार खराब हो चुकी थी। मजदूरों ने बताया कि इसमें सवार होने पर हादसा होने और जान जाने का डर सताता रहता था।
नोएडा अथॉरिटी ने सभी हाईराइज बिल्डिंग में लिफ्ट की रिपोर्ट मांगी
निर्माणाधीन साइट पर लिफ्ट की दुर्भाग्यपूर्ण घटना का संज्ञान लेते हुए नोएडा अथॉरिटी के सीईओ डॉ. लोकेश एम ने नोएडा क्षेत्र के सभी बिल्डरों और अपार्टमेंट मालिक एसोसिएशनों को अपने भवनों में लिफ्टों का जायजा लेने और उनकी सर्विसिंग कराने के निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने साफतौर पर कहा कि इन निर्देशों के अनुपालन की रिपोर्ट जारी होने के 1 माह के भीतर प्रस्तुत की जानी है।
लिफ्ट से लोगों में दहशत
सेक्टर 137 में लिफ्ट गिरने के बाद हाल में ही एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई थी। लिफ्ट में फंसने, लिफ्ट के नीचे गिरने के कई हादसे लगातार सामने आते रहते हैं। लिफ्ट में फंसना अब आम बात हो गई है। आए दिन किसी न किसी सोसायटी से सूचना मिलती है कि लिफ्ट ये कोई समस्या खड़ी हो गई है और कड़ी मशक्कत के बाद उन्हें बाहर निकाल गया, इस तरह की घटनाओं में बूढ़े और बच्चों की संख्या ज्यादा होती है। सोसायटी को लगातार लिफ्ट के रखरखाव का ध्यान रखना चाहिए जिससे ऐसे हादसों से बचा जा सके।