
उत्तर प्रदेश श्रम कल्याण परिषद के अध्यक्ष एवं राज्य मंत्री पंडित सुनील भारद्वाज भराला (Minister of State Sunil Bharala) ने एआईएमआईएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) पर हमला करने वालों के परिजनों से मुलाकात की है। इस दौरान राज्य मंत्री सुनील भराला के साथ एक प्रतिनिधिमंडल भी था। परिवार से मुलाकात के बाद में मीडिया से बात करते हुए सुनील भराला ने कहा कि ओवैसी पर हमले के मामले में दोनों ब्राह्मणों बच्चे निर्दोष हैं। उन्हें फंसाया गया है। उन्होंने बताया कि परिवार वालों से बातचीत हुई है। उनका कहना है कि बिना तथ्यों के बच्चों को फंसाया गया। उन्होंने दोनों के परिवार को पर्याप्त सुरक्षा देने की अधिकारी से की मांग की है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय परशुराम परिषद मामले की पैरवी करेगी।
बता दें कि हापुड़ में टोल प्लाजा के पास ओवैसी पर हमला करने वाले गांव दुरई थाना बादलपुर जिला गौतमबुद्ध नगर के रहने वाले हैं। राज्य मंत्री पंडित सुनील भारद्वाज भराला अपने सैकड़ों कार्यकर्ता और पदाधिकारियों के साथ दुरई पहुंचे और दोनों आरोपियों के परिजनों से मुलाकात की। पंडित सुनील भारद्वाज भराला ने कहा राष्ट्रीय परशुराम परिषद के नेतृत्व में दोनों निर्दोष बच्चों की वरिष्ठ अधिवक्ताओं की कमेटी निष्पक्ष जांच करेगी। इस दौरान भाजपा नेताओं ने ग्रेटर नोएडा में भड़काऊ भाषण दिया। भाजपा नेताओं ने कहा कि अगर हर हिंदू युवक के पास हथियार होगा तो किसी की हिम्मत नहीं होगी कि कोई हैदराबाद वाला कोई यहां पर बोल जाए।
'20 मिनट में पता नहीं क्या कर देंगे'
राज्यमंत्री सुनील भराला ने कहा कि हम सचिन के साथ खड़े हैं और यह हमारा परिवार है। सचिन पर झूठा मुकदमा दर्ज करवाकर उसे फंसाते हुए जेल भिजवा कर राजनीति की जा रही है। वह पूरे देश में और भारत के प्रधानमंत्री व पुलिस को चेतावनी देते हैं और कहते हैं कि 20 मिनट के लिए सुरक्षा हटा लो, पता नहीं इतने में क्या कर देंगे? वे एक हमले पर ही सुरक्षा के लिए बुलेटप्रूफ गाड़ी मांगने लगे।
भराला बोले- जेड प्लस सिक्योरिटी के बाद भी हथियार रखने की अनुमति मांगते हैं
भराला ने कहा कि हमारे गृह मंत्री ने उन्हें सुरक्षा भी दी और वह भी जेड प्लस सिक्योरिटी। उसके बाद भी वह बोल रहे हैं कि हमें बुलेटप्रूफ गाड़ी दो और हथियार रखने की अनुमति दो। भराला ने कहा कि हम अन्याय नहीं होने देंगे। मामले की निष्पक्ष जांच कराएंगे कि सचिन को जेल में क्यों भेजा गया?
Published on:
16 Feb 2022 09:51 am

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