
जिला न्यायालय ने ट्यूशन के बहाने एक नाबालिग छात्रा से लगातार दुष्कर्म कर उसे गर्भवती बनाने के एक मामले में स्कूल प्रिंसिपल को दोषी करार देते हुए 10 साल के कारावास की सजा दी है। इसके साथ ही प्रिंसिपल पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। बताया जा रहा है कि प्रिंसिपल ट्यूशन पढ़ाने के बहाने छात्रा को घर बुलाता था और उसके साथ दुष्कर्म करता था। जब छात्रा 5 महीने की गर्भवती हो गई तो परिजनों ने उससे पूछताछ की, जिसके बाद छात्रा प्रिंसिपल की करतूत के बारे में बताया। इसके बाद परिजनों ने 2020 में पुलिस में केस दर्ज कराया। उसके बाद से केस की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार सिंह की कोर्ट में चल रही थी।
अभियोजन अधिकारी नीटू बिश्नोई के मुताबिक, 71 वर्षीय प्रधानाचार्य रामपाल को कोर्ट ने 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। दोषी प्रिंसिपल मूलरूप से एटा जिले का निवासी है। उन्होंने बताया कि 2020 में एक नाबालिग छात्रा को ग्रेटर नोएडा के एक स्कूल का प्रिंसिपल रामपाल ट्यूशन पढ़ाने के बहाने अपने घर बुलाता था और छात्रा से लगातार दुष्कर्म करता था।
जब नाबालिग छात्रा 5 महीने की गर्भवती हो गई तो परिजनों ने उससे बात की। इस पर छात्रा ने आपबीती सुनाई तो परिजन हैरान रह गए। उन्होंने तत्काल घटना की तहरीर बिसरख कोतवाली में दी। जहां पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करते हुए प्रिंसिपल रामपाल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
11 गवाह हुए पेश
अभियोजन अधिकारी ने बताया कि इस मामले में कुल 11 गवाहों की गवाही हुई है। सभी गवाहों और सबूत के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश की कोर्ट ने रामपाल को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
Published on:
08 Sept 2022 11:58 am
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