24 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

ग्रेटर नोएडा में नाइट सफारी का लुफ्त उठा सकेंगे टूरिस्ट, प्रस्ताव हो रहा तैयार

लखनऊ की तर्ज पर ग्रेटर नोएडा में नाइट सफारी बनाई जाएगी। प्रस्ताव को तैयार किया जा रहा है। साथ ही हस्तिनापुर में जलीय और जंगल सफारी बनाने की तैयारी है। जल्द दोनों प्रस्तावों को वन मुख्यालय भेजा जाएगा।

2 min read
Google source verification
tourists_will_be_able_to_enjoy_night_safari_in_greater_noida.jpg

Tourists will be able to enjoy Night Safari in Greater Noida

लखनऊ की तर्ज पर ग्रेटर नोएडा में नाइट सफारी बनाने की कवायद शुरू हो गई है। जिससे पर्यटकों को जल और जंगल की हरियाली का लुफ्त उठाने का मौका मिलेगा। इसके साथ ही हस्तिनापुर में जलीय और जंगल सफारी बनाने की तैयारी है। दोनों प्रस्तावों को तैयार किया जा रहा है। जल्द ही उन्हें वन मुख्यालय को भेजा जाएगा। दरअसल, वन निगम और पर्यटन विभाग की मदद से वन विभाग हस्तिनापुर सेंचुरी के लिए नया कदम उठाने की दिशा में बढ़ रह है। ये मुजफ्फरनगर-बिजनौर की सीमा पर स्थित हैदरपुर वेटलैंड और हस्तिनापुर ईको टूरिज्म का नया केंद्र बनेगा।

यह भी पढ़े - दीपावली में रंग-बिरंगी लाइटों से जगमगाएगा ग्रेटर नोएडा शहर, खूबसूरती होगी देखने लायक

नए सिरे से योजना की तैयारी

बता दें कि हैदरपुर वेटलैंड में पर्यटन विकास के लिए कई कार्य प्रस्तावित किए गए हैं। जिसके साथ ही हस्तिनापुर में जलीय और जंगल सफारी को शुरू करने की तैयारी की जा रही है। जिसके लिए बोट उपलब्ध कराने का इंतजाम किया जा रहा है। जैसे ही बोट उपलब्ध होंगी यहां हस्तिनापुर गंगा में वन विभाग जलीय सफारी शुरू करा देगा। जबकि नोएडा और ग्रेटर नोएडा में भी वन विभाग मुख्यालय अधिकारी नए सिरे से योजना को तैयार कर रहे हैं।

यह भी पढ़े - आगरा वासियों ने खुद ही बदले मोहल्लों और गलियों के नाम, लगाए अजीबोगरीब पोस्टर देखें

ईको टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा

वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री केपी मलिक का कहना है कि पश्चिमी यूपी में ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए वन विभाग प्रयासरत है। इसके लिए हैदरपुर वैटलैंड, हस्तिनापुर सेंचुरी क्षेत्र में विभिन्न स्थल, नोएडा-ग्रेटर नोएडा पर फोकस खास फोकस किया जा रहा है। गौरतलब है कि सपा शासनकाल में मुर्शीदपुर में नाइट सफारी का प्रस्ताव तैयार किया गया था। जिसकी डीपीआर भी बनाई गई थी लेकिन ये प्रस्ताव सिरे नहीं चढ़ पाया। फिलहाल इस पर कोई कार्रवाई अभी नहीं हो रही है।