बबीता अपने गांव की लड़कियों और महिलाओं को जागरूक करने का काम कर रही हैं। जिसके बाद वर्तमान में उनके गांव की 27 लड़कियां व 5 बहुएं दिल्ली पुलिस में नौकरी कर रही हैं। बता दें कि पिछले चार साल से वह अपने गांव सादल्लाहपुर में अपना कोचिंग सेंटर चला रही हैं जिमें वह कई गांवों की करीब 80 लड़कियां व 20 लड़कों को कुश्ती की निशुल्क ट्रेनिंग दे रही हैं। इस साथ ही वह पुलिस या अर्द्धसैनिक बलों में भर्ती के लिए भी लड़के-लड़कियों को ट्रेनिंग दी जाती है।
विरोध होने पर चलाना सीखा ट्रैक्टर