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वाट्सऐप पर साइबर हमले के लिए इजरायली फर्म पर दर्ज हुआ मुकदमा, पहली बार हुई ऐसी कार्रवाई

पहली बार है जब यूजर्स पर इस प्रकार की कानूनी कार्रवाई इजराइल के NSO ग्रुप पर हुई कार्रवाई

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सैन फ्रांसिस्को। फेसबुक ने एक इजरायली सर्विलांस कंपनी NSO ग्रुप के खिलाफ मुकदमा दायर किया है। दिग्गज कंपनी ने आरोप लगाया था कि अत्यधिक सोफिस्टिकेटेड मेलवेयर का इस्तेमाल करके सिविल सोसाइटी के वरिष्ठ सदस्यों के साथ 1,400 व्हाट्सएप यूजर्स को टारगेट किया गया है। आपको बता दें कि यह पहली बार है, जब यूजर्स पर इस प्रकार का हमला करने के लिए कंपनी ने किसी निजी संस्थान के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की है।

वीडियो कॉलिंग के जरिए साइबर अटैक की थी योजना

फेसबुक के स्वामित्व वाली कंपनी वाट्सएप ने मई 2019 में अपने सिस्टम के वीडियो कॉलिंग पर हुए बेहद गंभीर सोफिस्टिकेटेड मैलवेयर हमले को रोका था। हमले का मकसद कई वाट्सएप यूजर्स के मोबाइल उपकरणों पर मिस्ड कॉल के माध्यम से मेलवेयर भेजना था। फेसबुक के अनुसार NSO ग्रुप ने यूजर्स के स्मार्टफोन को हैक करने के लिए वाट्सएप की एक खामी का इस्तेमाल कर यूएस कंप्यूटर फ्रॉड और अब्यूज एक्ट और कानूनों का उल्लंघन किया है।

कंपनी ने किया आरोपों का खंडन

वाशिंगटन पोस्ट ने वाट्सएप प्रमुख विल कैथार्थ के हवाले से कहा, 'इसने पूरी दुनिया में कम से कम 100 मानवाधिकार रक्षक, पत्रकार और सिविल सोसाइटी के अन्य सम्मानित सदस्यों को निशाना बनाया।' NSO ग्रुप ने एक बयान में इन सभी बतों से इनकार करते हुए कहा कि वह आरोपों का खंडन करता है और इसके खिलाफ 'सख्ती से लड़ने के लिए' तैयार है।

आतंकवाद और गंभीर अपराध से लड़ने में मदद

कंपनी ने कहा, 'एनएसओ का एकमात्र उद्देश्य लाइसेंस प्राप्त सरकारी खुफिया और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को आतंकवाद और गंभीर अपराध से लड़ने में मदद करने के उद्देश्य से उन्हें तकनीक प्रदान करना है।' बयान में आगे कहा गया, 'हमारी तकनीक मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और पत्रकारों के खिलाफ उपयोग के लिए डिजाइन या लाइसेंस नहीं है। इसने हाल के वर्षो में हजारों लोगों की जान बचाने में मदद की है।'