
Mosul Kids Brainwashed
मोसुल। इराकी शहर मोसुल का लगभग हर बच्चा कम से कम बंदूक चलाना सीख चुका है। 3000 साल पुराना शहर, जो कभी अपने शैक्षिक संस्थानों के लिए जाना जाता था आज अपने भविष्य पर रो रहा है। पिछले दो सालों में इस्लामिक स्टेट (आईएस) ने मोसुल के बच्चों को अपनी ढाल बनाने का काम किया है। उन्हें न सिर्फ हथियार चलाने की ट्रेनिंग दी गई बल्कि आत्मघाती हमलावर भी बनाया गया। ऐसे में जब मोसुल को इराकी सेना पूरी तरह आजाद कराने वाली है, आईएस द्वारा इन बच्चों का इस्तेमाल किए जाने की घटनाएं भी बढ़ गई हैं। इराकी मानवाधिकार आयोग के मुताबिक, आईएस ने 4,00,000 से भी अधिक बच्चों का ब्रेनवॉश किया है। मोसुल पर आईएस ने करीब दो साल पहले कब्जा किया था। एक सोची-समझी साजिश के तहत अधिकतर पुरुषों को मौत के घाट उतार दिया और महिलाओं को कैद कर लिया गया।
स्कूली सिलेबस बदला:
आतंकियों ने बच्चों की पढ़ाई में बड़े बदलाव किए। सिलेबस को पूरी तरीके से धर्म और कट्टरता पर आधारित बना दिया। आयोग के मीडिया निदेशक जवाद अल-शामरी के मुताबिक, सिलेबस में बच्चों को बंदूक चलाना, आत्मघाती हमलावर बनाना, सुसाइड बेल्ट तैयार करना, महिलाओं को बंधक बनाना और दुश्मन को फंसाने की तरकीबें बताई गईं थीं। सिलेबस में दूसरे बच्चों को भी आईएस का अनुयायी बनाने के लिए कहा गया था। इतना ही नहीं जब आईएस का बच्चों को पढ़ाने का खर्चा नहीं चलता था तो वे संयुक्त राष्ट्र में फर्जी फोन कॉल के सहारे आर्थिक मदद भी मांग लेते थे।
बढ़ी चाइल्ड सोल्जरर्स की मांग:
ऐसे में जब मोसुल में इराकी सेना आईएस को खदेडऩे वाली है, आईएस इन बच्चों का सहारा ले रहा है। संयुक्त राष्ट्र द्वारा जारी एक रिपोर्ट के मुताबिक, इराकी सेना के बढ़ते दबदबे से आईएस आतंकी मुश्किल में है। आईएस अब लोगों को अगवा करने लगा है। वहीं अधिक से अधिक बच्चों को अपनी सेना में शामिल कर रहा है। अब तक हजारों लोगों को अगवा किया जा चुका है।
रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ महीनों में...
- 400 यजीदी बच्चों को बंधक बनाया गया।
- 500 बच्चों को दियाला और अनबार प्रांत से अगवा किया गया।
- 800-900 बच्चों को अभी भी हथियार चलाने की ट्रेनिंग दी जा रही है।
- 2000 मोसुलवासियों को अगवा किया गया है।
Published on:
16 Nov 2016 06:10 pm
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