
दुबई। भारत के अलग-अलग हिस्सों से काम के सिलसिले में सऊदी अरब पहुंचे कई लोगों को वापस भारत लाया गया है। दुबई में अलग-अलग जगहों में फंसे भारतीयों को वापस भारत भेजा गया है।
दुबई में भारत महावाणिज्य दूतावास ने खुलासा किया है कि दुबई में फंसे करीब 100 लोगों को पिछले छह महीने में भारत वापस भेजा गया है। इस साल 31 जुलाई तक वाणिज्य दूतावास वे इंडियन कम्यूनिटी वेलफेयर फंड (आईसीडब्ल्यूएफ) से करीब 375 लोगों को हवाई टिकट उपलब्ध कराए हैं।
दुबई में भारत महावाणिज्य दूत विपुल ने शनिवार को खलीज टाइम्स से बात करते हुए कहा कि वाणिज्य दूतावास ने 52 लोगों के शव को वापस लाने में मदद की है, 28 चिकित्सीय मामलों में मदद की है और 600 से अधिक श्रमिकों को निर्वाह भत्ता दिया है। इन सभी गतिविधियों में हमें स्थानीय अधिकारियों से बहुत सहयोग मिलता है।
उन्होंने बताया कि ईद के दिन एक दुखद बस दुर्घटना में मारे गए 12 भारतीयों के पीड़ितों और परिवारों की मदद के लिए वाणिज्य दूतावास ने दिन-रात काम किया है।
दुबई में हजारों की संख्या में रहते हैं भारतीय
फेडरल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी, वाणिज्य दूतावास और चैरिटी मिशन टू सीफर्स द्वारा बातचीत के बाद नाविकों को उनकी कंपनी एलीट वे मरीन सर्विसेज द्वारा नाविकों के रुके पड़े वेतन का हिस्सा देने के लिए सहमत होने के बाद अलग-अलग बैचों में नाविकों को प्रत्यावर्तित किया गया।
दुबई से वापस लौटे एक व्यक्ति विकास मिश्रा ने कहा कि वहां (दुबई) जीवित रहना कठिन था। लेकिन, इससे भी ज्यादा मेरी आमदनी पर आश्रित मेरे परिवार के लिए यह कठिन था। मेरे पिता एक किसान हैं। मेरे वेतन के बिना, उन्हें अपने इलाज के लिए और मेरे बच्चों को स्कूल भेजने के लिए अपनी जमीन का कुछ हिस्सा बेचना पड़ा। अब सबसे बुरे दिन खत्म हो चुके हैं।
बता दें कि बीते समय में कई बार ऐसी खबरें सामने आई हैं कि सऊदी में रह रहे भारतीयों की स्थिति अच्छी नहीं है। वे सभी प्रताड़ित किए जा रहे हैं और उनके लिए काम करना बहुत ही मुश्किल है। लिहाजा कई बार लोगों ने भारत सरकार से अपील भी की कि उन्हें वहां से बाहर निकालें।
मालूम हो कि दुबई में निर्माण क्षेत्र में काम करने वाले हजारों की संख्या में भारतीय लोग शामिल हैं। इसके अलावा होटलों व फार्म हाऊस में भी बहुतायात संख्या में भारतीय काम करते हैं।
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Updated on:
26 Aug 2019 08:43 am
Published on:
25 Aug 2019 04:21 pm

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