
नई दिल्ली। अमरीकी दूतावास को तेल अवीव से यरुशलम में शिफ्ट किये जाने के बाद से हिंसा का दौर जारी है। इसी बीच फिलिस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने अमरीका से अपने राजदूत को वापस बुला लिया है। फिलिस्तीन ने यह घोषणा अमरीकी दूतावास को शिफ्ट किए जाने के एक दिन बाद की है। बता दें कि फिलिस्तीन द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि वॉशिंगटन में फिलिस्तीन लिबरेशन आर्गेनाइजेशन कार्यालय के प्रमुख हुसाम जोमलोट बुधवार को फिलिस्तीन लौट आएंगे। हालांकि इस बयान में फिलिस्तीन ने यह नहीं बताया है कि हुसाम जोमलोट को कितने दिनों के लिए वापस बुलाया जा रहा है।
खूनी संघर्ष में अब तक 59 लोगों की मौत
गौरतलब है कि अमरीका ने इजरायल से किए अपने वादे को पूरा करते हुए सोमवार को अमरीकी दूतावास को तेल अवीव से शिफ्ट करते हुए यरुशलम में खोल दिया था। जिसके बाद से फिलिस्तीनी नागरिकों और इजरायली सुरक्षा बलों के बीच गाजापट्टी में हिंसक झड़प शुरु हो गई। इस हिंसक झड़प में कम से कम 59 फिलिस्तीनी नागरिकों की मौत हो गई जबकि 2400 से अधिक लोग घायल हो गए थे।
इजरायली सेना का आरोप
आपको बता दें कि सोमवार को गाजा पट्टी में इजरायली सेना और फिलिस्तीनी नागरिकों के बीच खूनी संघर्ष में जहां 59 लोगों की मौत हो गई वहीं 2400 से अधिक लोग घायल हो गए। हालांकि इस हिंसा के लिए इजरायली सेना ने प्रदर्शनकारियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि फिलिस्तीनी प्रदर्शनकारियों ने बाड़बंदी के पास तैनात इजरायली सैनिकों पर देसी बम, जलते हुए टायर और पत्थर फेंके। सेना ने कहा कि इस हिंसक प्रदर्शन से बचने के लिए इजरायली सेना ने गोलीबारी की।
क्या है पूरा मामला
आपको बता दें कि इजरायल में सोमवार को अमरीका ने एक बड़ा कदम उठाते हुए अमरीकी दूतावास को तेल अवीव से यरुशलम में शिफ्ट करते कर दिया। इससे फिलिस्तीनी नागरिक बहुत आहत हुए और इस फैसले के विरोध में प्रदर्शन करना शुरु कर दिया। बता दें कि दूतावास संबंधि यह मामला बहुत विवादास्पद है क्योंकि फिलिस्तीनी नागरिक यरुशलम के एक हिस्से को अपनी भविष्य की राजधानी मानता है, लेकिन इजरायल हमेशा से संपूर्ण यरुशलम को अपना हिस्सा मानता है। बीते वर्ष अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने इजरायल दौरे के समय यह घोषणा की थी कि 14 मई 2018 तक अमरीका अपने दूतावास को तेल अवीव से यरुशलम में शिफ्ट कर देगा। हालांकि इस फैसले के बाद से कई देशों ने उस समय अमरीका के इस फैसले की काफी आलोचना की थी।
Published on:
16 May 2018 04:23 pm
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